सम्मेदशिखर जी पर आए निर्णय पर आपकी रायशुमारी एक नजर में

धर्म

सम्मेदशिखर जी पर आए निर्णय पर आपकी रायशुमारी एक नजर में
एक छोटा सा अनौपचारिक सर्वे फेसबुक पर किया गया जिसमें 3 घंटे में 991 जैन श्रावक श्राविकाओं ने भाग लिया और अपनी वोट देकर अपनी राय प्रदान की। आइए उस सर्वे के तथ्य को जानते हैं कि आखिरकार जैन श्रावक और श्राविकाएं 5 जनवरी 2023 को 5:00 बजे सम्मेद शिखरजी पर आए हुए निर्णय के बारे में क्या सोचते हैं और उनका क्या मत है ,यह जानना भी बहुत जरूरी है कि सम्मेद शिखरजी के आंदोलन पर सरकार से हमें क्या मिला।।

 

*सर्वोच्च तीर्थ सम्मेदशिखर जी पर 5 जनवरी को आये निर्णय से आप सन्तुष्ट हैं क्या जैन समाज की पवित्र धार्मिक क्षेत्र की मांग पूरी हुई* 1-हाँ 4% 44 2-नही 59% 583 3-बायकाट 2% 20 4- स्वीकार नही 13% 131 5- बहुत गलत किया सरकार ने 8% 77 6-जैन पवित्र तीर्थ केवल जैनों का होना चाहिए अन्य लोग कमेटी में नही हों। 11% 110
7-केवल अस्थाई 2% 19
8- शिखर जी का फैसला स्वीकार है .7% 7
आप उक्त सर्वे को ध्यान से देखें और पढ़े मंथन करें कि मात्र 5% लोगों ने यह माना है कि यह निर्णय जो सरकार के द्वारा सम्मेद शिखरजी पर किया गया है वह सही है। बाकी के 95% लोगों ने उसे एक सिरे से नकार दिया है। 58% लोगों ने नहीं में जवाब दिया तो 13% लोग निर्णय से एग्री नहीं है 11% लोग यह चाहते हैं कि जैन तीर्थ है और सिर्फ जैनों का ही रहना चाहिए । 2% लोग बाय काट भी कर रहे हैं खैर यह एक बानगी थी जो जैन समाज की राय जानने के लिए की गई थी। अब आप भी अच्छी तरह समझ लीजिए जिन्होंने इस निर्णय का समर्थन करके इस आंदोलन को कमजोर किया है ।
सम्मेद शिखरजी जैन धर्म की आस्था का सर्वोच्च केंद्र है जिसे जैन धर्म का प्रत्येक बच्चा बच्चा प्राणों से प्यारा समझता है और उसके लिए बिना किसी नेतृत्व एवं बिना बड़ी संस्था के आह्वान के इतना बड़ा आंदोलन खड़ा कर दिया गया ।यह अपने आप में एक इतिहास बनेगा और इतिहास में यह इंगित भी होना चाहिए कि सम्मेद शिखरजी के लिए जैन धर्म के श्रावक श्राविकायें सड़कों पर निकल आए । मैं मानता हूं कि सरकार को बहुत जल्दी बैकफुट पर आना पड़ा लेकिन जिस मूल उद्देश्य को लेकर हम चले थे कि *पर्यटन क्षेत्र नहीं है अपितु सम्मेद शिखरजी तो जैन धर्म का अहिंसक पवित्र धार्मिक क्षेत्र है वह उद्देश्य भी पूरा नहीं हुआ है ।जय जिनेंद्र
*संजय जैन बड़जात्या कामा* राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री जैन पत्रकार महासंघ,
राष्ट्रीय प्रचार मंत्री धर्म जागृति संस्थान

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