गणिनी आर्यिका विशिष्टमति माताजी के अवतरण दिवस पर नमन
आया है पावन दिन भक्ति की ओर
जन्मजयंती पर भक्तो का है शोर
अपनी आत्मसाधना में रहती लीनी
स्वाध्याय समता में सदा रहती भीनी
कर्मो से लड़ती है पापों से डरती है
ऐसी गुरु माँ जैसा जग में कोई नही
भाव भीना नमन पदमकुमार कुमार सुलोचना अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
