मुनि श्री मर्यादा सागर महाराज की संल्लेखना के साथ समाधिमरण गाजे
बाजे के साथ समाधिमरण मे उमड़ा जैन समाज
राष्ट्र गौरव सन्त आचार्य वर्धमान सागर एवं भारत गौरव आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में हुए समस्त कार्यक्रम
निवाई :
सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान मे आचार्य वर्धमान सागर महाराज एवं आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में गुरुवार को मुनि मर्यादा सागर महाराज का संल्लेखना पूर्वक समाधिमरण हुआ जिसमें देश भर से श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला व राकेश संधी ने बताया कि राष्ट्र गौरव आचार्य वर्धमान सागर महाराज के कुशल
निर्यापकत्व मे समस्त संध के सानिध्य में अरिहंत सिद्ध श्रवण करते हुए समाधिमरण हुआ। जौंला ने बताया कि पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि निर्यापकाचार्य आचार्य वर्धमान सागर महाराज एवं समस्त संध से क्षमा याचना कर मुनि मर्यादा सागर महाराज ने चारो प्रकार के आहार का त्याग कर यम संल्लेखना अंगीकार की। मुनि मर्यादा सागर महाराज का बुधवार की रात्रि मे समाधिमरण हुआ। मुनि श्री की सम्यक रुपेण आचार्य श्री के मुख से अरिहंत सिद्ध सुनते हुए समाधि हुईं। विमल जौंला व पवन बोहरा ने बताया कि मुनि श्री के डोले के आगे कमण्डल

लेकर भूमि शुद्धि करने का सोभाग्य पारस जैन परिवार जबलपुर को प्राप्त हुआ। जौंला ने बताया कि गुरुवार को सुबह क्षपक मुनि श्री मर्यादा सागर जी की डोल यात्रा का जुलूस गाजेबाजे के साथ निकाला गया जो निवाई के खारी कुंई चोहट्टी बाजार बिलाला चोक सब्जी मंडी बडा़ बाजार बस स्टैंड अहिंसा सर्किल होते हुए पारसनाथ उधान नसियां जैन मंदिर पहुंचा जहाँ मुनि श्री का अंतिम संस्कार किया गया। जौंला ने बताया कि आचार्य श्री संध एवं विद्वानों द्वारा मुनि श्री का पूजन पंचामृत अभिषेक विधि विधान पूर्वक अंत्येष्टि की गई। मुनि श्री को गृहस्थ अवस्था के पुत्रों एवं परिजनों ने मुखाग्नि दी। इसमें कपूर धी धृत चन्दन अगर तगर नारियल आदि से अन्तिम संस्कार किया गया। समाधिमरण विमान डोल यात्रा में श्रद्धालुओं ने ” संसार असार है जीवन नश्वर है”। “जीवन है पानी की बूंद कब मिट जाए रे” ” दिन रात मेरे स्वामी मे भावना ये भावू, देहांत के समय मे तुमको न भूल जावू” आदि अनेक दोहे बोलकर नारे लगाकर श्रद्धालु जुलूस में चल रहे थे। इस अवसर पर नगरपालिका चेयरमैन दिलिप ईसरानी वाईस चेयरमैन जितेन्द्र जैन जैन समाज के अध्यक्ष नेमीचंद गंगवाल मंत्री महावीर प्रसाद पराणा विनोद सुनारा महेन्द्र चंवरिया विमल गिन्दोडी सुनील भाणजा दिलीप भाणजा अमित कटारिया गोपाल कठमाणा हेमंत चंवरिया महेन्द्र चेनपुरा शंभु कठमाणा त्रिलोक सिरस पवन बोहरा मास्टर मदनलाल वर्मा सीताराम रेगर पार्षद महेन्द्र सारसोप नितिन छाबड़ा विमल सोगानी सुशील गिन्दोडी डॉक्टर राहुल जैन डॉक्टर अवधेश जैन अशोक बिलाला नेहरू बडांगाव राकेश संधी मनोज पाटनी राजेश जौंला सुनील गिन्दोडी नीरा जैन मुन्नी देवी भाणजा शशि सोगानी संजू जौंला गायिका कोमल जैन सीमा जैन शकुंतला भाणजा उर्मिला सोगानी सहित बोंली झिलाय चाकसू शिवाड कलकत्ता किशनगढ़ भिण्डर इच्छलकरन जी उदयपुर जयपुर अजमेर बम्बई एवं जबलपुर के अनेक श्रावको ने अन्तिम यात्रा में भाग लिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
