भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी की सुयोग्य शिष्या आर्यिका 105 विकक्षा श्री माताजी स संघ ने किए फागी कस्बे के विभिन्न जिनालयों के दर्शन*

धर्म

*भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी की सुयोग्य शिष्या आर्यिका 105 विकक्षा श्री माताजी स संघ ने किए फागी कस्बे के विभिन्न जिनालयों के दर्शन*

फागी

फागी कस्बे में आज भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी की सुयोग्य शिष्या आर्यिका 105 विकक्षा श्री माताजी स संघ ने कस्बे के सबसे प्राचीन आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, बिचला मंदिर , मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर,पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर ,तथा चंद्रप्रभु नसियां, जी के दर्शन कर धर्म प्रवाहना बढ़ाई। जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि कार्यक्रम में मुनि सुव्रतनाथ दिगंम्बर दिगंबर में प्रातः आर्यिका श्री के पावन सानिध्य में श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा तथा अष्टद्रव्यों से पूजा हुई।गोधा ने बताया कि संघ में आर्यिका 105 ज्ञाता श्री माताजी, आर्यिका ज्ञायक श्री माताजी, आर्यिका ज्ञप्ताज्ञ श्री माताजी तथा बाल ब्रह्मचारिणी निशु दीदी साथ साथ थी‌। आर्यिका विकक्षा श्री माताजी ने धर्म सभा में श्रृद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को हमेशा नित्य देव दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त करना चाहिए,यह धर्म ही अनन्त सुख का कारण है, धर्म ही सुख की खान है,यह हमारा सौभाग्य है कि पूर्व भव में अच्छे कर्म करने से अपने को मनुष्य योनि मिली है,अतः मनुष्य को संयम, सादगी, धर्म चर्या में रहते हुए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए,गोधा ने बताया कि उक्त समय सोहनलाल झंडा,मोहनलाल झंडा, फागी अग्रवाल समाज के अध्यक्ष महावीर झंडा, हेमराज कलवाड़ा, शिखर मोदी, भागचंद कासलीवाल, महावीर बजाज ,महावीर मोदी , राजकुमार कागला,मनीष गोधा, सुरेश डेठानी,कालू चोधरी,तथा त्रिलोक चंद पीपलू, निखिल लावा सहित सारे श्रावक श्राविकाएं साथ साथ थे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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