संगति को बदलने के लिए सत्संग में जाना पड़ेगा : आचार्य वर्धमान सागर महाराज

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संगति को बदलने के लिए सत्संग में जाना पड़ेगा : आचार्य वर्धमान सागर महाराज

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सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर में आयोजित विशेष प्रवचनमाला का आयोजन किया गया जिसमें मंगलाचरण पिंकी जैन ने किया। इस दौरान मुनि हितेंद्र सागर महाराज एवं वात्सल्य वारिधि राष्ट्र सन्त आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने रविवार को विशेष प्रवचन किये।
प्रवचनमाला कार्यक्रम से पूर्व राष्ट्र संत गौरव आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज का रविवार को भक्ति भाव पूर्वक पड़गाहन हुआ जिसमें शहर के श्रेष्ठी गोपाल लाल शंभु कुमार आशु कुमार जैन कठमाणा वालो के यहां आहार चर्या का सौभाग्य मिला।
इस अवसर पर राष्ट्र संत आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने विशेष धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि संगति को बदलने के लिए सत्संग में जाना पड़ेगा। सीरियल देखने के बजाय आप शास्त्रों को अपना ले तो आपका मानव जीवन सफल के साथ कल्याण हो जाएगा। अपने मानव जीवन को बहुमूल्य बनाना चाहते हो तो धर्म मार्ग में लगा रहना पड़ेगा। आचार्य वर्धमान सागर महाराज रविवार को शांतिनाथ जैन मंदिर में विशेष प्रवचनमाला मे सम्बोधित कर रहे थे उन्होंने कहा कि बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य आचार्य शांतिसागर महाराज ने उनके जीवन में चारित्र जीवन की प्रयोगशाला बनाई थी उन्होंने अपने जीवन में धर्म के लिए सम्पूर्ण भारत में धर्म की अलख जगाई जो आज इतिहास में प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आचार्य शांतिसागर महाराज का समाज के उपर उपकार है जो कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसलिए आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने आचार्य शांतिसागर महाराज की जगह जगह स्मारक बनाने के लिए सभी को प्रेरणा दी। इस दौरान मुनि हितेंद्र सागर महाराज ने कहा कि प्रत्येक कार्य मे महामंत्र राज का सुमिरन करते रहना चाहिए। कोटि गुणों उपकारी णमोकार महामंत्र भी जन जन का कल्याणक है। उन्होंने कहा कि महामंत्र णमोकार पापों का नाशक और सम्पूर्ण सुखों का प्रदाता है जन कल्याणक है आत्मा को परमात्मा बनाने में साधक है। उन्होंने कहा कि इस मंत्र का सुमिरन करते रहना चाहिए तभी आपका जीवन मंगलमय बनेगा एवं तभी हमारी इस लोक से परलोक की संसार से मुक्ति तक की मंगलमय यात्रा सफल रहेगी।

जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला ने बताया कि विशेष

प्रवचनमाला कार्यक्रम में पीपल्दा लावा बगड़ी जयपुर इन्दौर चाकसू कोटा टोंक अजमेर किशनगढ़ आदि दूरदराज से सैकडों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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