पारसनाथ पर्वत की पवित्रता को लेकर स्थानीय प्रशासन ने उठाए कड़े कदम अब मांस मदिरा की खरीद बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होगा पर्वत की तलहटी पर लगाए जाएंगे

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पारसनाथ पर्वत की पवित्रता को लेकर स्थानीय प्रशासन ने उठाए कड़े कदम
अब मांस मदिरा की खरीद बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होगा पर्वत की तलहटी पर लगाए जाएंगे
पारसनाथ

पावन पुनीत पवित्र तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी पारसनाथ को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का सकल जैन समाज घोर विरोध कर रहा है वजन आक्रोश व्याप्त है। समस्त जैन धर्मावलंबियों व समस्त संत मुनियों ने पारसनाथ क्षेत्र को तीर्थाटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भेजा है।
माही इसी बीच पारसनाथ पर्वत पर हाल के दिनों में मांस मदिरा पिकनिक पार्टी वह फूहड़ बाजी को देख वहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। इसको लेकर झारखंड सरकार गिरिडीह उपायुक्त व एसपी को तत्काल पारसनाथ तत्काल रुप से मांस मदिरा मुक्त क्षेत्र बनाने का निर्देश जारी कर दिया है।

गिरिडीह उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने 25 होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति की स्वीकृति की मांग सरकार से की है। वही गिरिडीह डुमरी मार्ग से मधुबन प्रवेश द्वार से लेकर मधुबन होते हुए पारसनाथ पर्वत की तलहटी से शिखरजी तक मांस मदिरा वर्जित क्षेत्र होने का बोर्ड लगाने वह मधुबन थाने की लगातार गश्ती करने का निर्देश जारी किया गया है।

पारसनाथ पर्वत की पवित्रता शुद्धता को बनाए रखने को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं पारसनाथ पर्वत वंदना मार्ग में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अभी 25 होमगार्डों की जवानों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा एसडीपीओ वह स्थानीय पुलिस को भी तत्काल मधुबन व आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब की खरीद बिक्री के खिलाफ सगन छापेमारी करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। पारसनाथ की तलहटी से लेकर शिखरजी तक पवित्रता बनाए रखने की हिदायत भी दी जा चुकी है। और मधुबन के विकास से संबंधित कई कड़े फैसले जारी कर दिए गए हैं। पारसनाथ के क्षेत्र में कोई भी मांस मदिरा खरीद बिक्री अथवा इसका सेवन करते यदि पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
पारसनाथ को इको टूरिज्म बनाने के सरकार के फैसले से देशभर में मचे बवंडर के बाद गिरिडीह उपायुक्त ने समस्त अधिकारियों के अलावा मधुबन की तमाम संस्था संचालकों के साथ एक बैठक भी की है। जिसमें उन्होंने स्थानीय तमाम समस्याओं को बारीकी से सभी से जाना। संस्था के संचालकों की ओर से मधुबन में पारसनाथ पर्वत स्थित वंदना मार्ग उसके उसके आसपास हो रहे कई अनैतिक कार्यों एवं मां से जुड़े वीडियो भी उपायुक्त को प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने तत्काल डूंगरी एस डी ओ एसडीपीओ बीडियो व सीओ को एक्शन मोड में आने का निर्देश भी जारी कर दिया है। उन्होंने निर्देश को जारी करते हुए मधुबन में यात्री सुविधाएं बहाल करने के साथ कई प्रस्ताव पारित किए। साथ ही डुमरी एसडीओ ने उपायुक्त के समक्ष पारसनाथ वंदना मार्ग में सुरक्षा के बाबत तत्काल 25 होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति को लेकर सुझाव भी दिया था। जिसके तहत उपायुक्त ने झारखंड सरकार पर्यटन विकास विभाग को अनुमोदन के लिए भेजा जा चुका है। नई सरकार की अनुमति मिलते ही जवानों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही एसडीएम एसडीपीओ को इस संबंधित क्षेत्र में हो रहे मांस मदिरा के कई विक्रय वह उपभोग को तुरंत रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने एवं पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

 

 

वही पहाड़ पर मांस मदिरा सेवन वह महिला भक्तों द्वारा उठाए गए सुरक्षा के सवाल के बाद मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने ट्रस्टीयों से धर्म के प्रति अभियान चलाने का निर्देश भी दिया इसमें सबसे पहले मधुबन से लेकर पारसनाथ तलहटी और फिर वंदना मार्ग होते हुए शिखरजी तक बड़े-बड़े होल्डिंग्स लगाने की निर्देश दिए गए हैं। इन होल्डिंग्स पर मांस मदिरा वर्जित क्षेत्र के अलावा कई स्लोगन अंकित होंगे। साथ ही सरकार के सचिव से फोन पर हुई वार्ता मैं सुरक्षा के बाबत 24 घंटे पेट्रोलिंग वह वंदना मार्ग में श्रद्धालुओं की सुरक्षा का प्रस्ताव भी दिया है।

संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी

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