अपने गुरु से शिष्यों का भाव भरा मिलन

धर्म

अपने गुरु से शिष्यों का भाव भरा मिलन
अंतरिक्ष पार्श्वनाथ

पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का आगमन अंतरिक्ष पार्श्वनाथ में हुआ वह क्षण अभूतपूर्व थे जब वहा मोजूद योगासागर महाराज संघ व मुनि श्री वीरसागर महाराज संघ ने आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज की मंगल आगवानी की वह परिक्रमा की नमोस्तु निवेदित की समस्त शिष्यों का गुरु चरणों में ऐसा भाव था मानो राम से हनुमान मिले हो।

 

 

 

 

एक बार पुनः परिलक्षित हुआ आचार्य गुरुवर ने कलयुग में सदयुग जैसी शिष्य मंडली तैयार की है।जब गुरुवर का आगमन हुआ तो इंद्र देव भी जमकर हर्षाए। और भाव भीनी भीनी आगवानी की।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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