जिंदगी में कोई दुश्मन बनाया तो सब कुछ धर्म समाप्त नष्ट हो जायेगा सुधासागर महाराज
बासी
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव108 श्री सुधासागर महाराज ने प्रवचन मे कहा यदि जिंदगी में कोई दुश्मन बनाया तो सब कुछ धर्म समाप्त नष्ट हो जायेगा। उन्होंने कहा गुरु के आदेश को यदि आपने पराधीनता समझ लिया, मां बाप का टोकना बुरा लगने लगा, शिष्य को गुरु का टोकना बुरा लगने लगें तो समझ लेना कि तुम्हारे बुरे दिन आने वाले हैं। यह सोचना चाहिए अहो भाग्य है कि गुरु मुझे टोक रहें हैं बड़े की कभी पराधीनता मत मानना हे। उन्होंने कहा.दुश्मन को मित्र मानो- सकारात्मकता मिलेगी यदि हमने दुश्मन को दुश्मन नही मानकर मित्र माना तो वह मित्र होकर बुरा विचार करता है तो उसका बुरा होना निश्चित है।ये दुश्मनी बुझाने का तरीका है। यदि हम सबको मित्र मानते हैं तो वह आपके प्रति कोई बुरा विचार करेगा तो उसका विनाश निश्चित होगा।
पूज्य मुनि श्री ने दीक्षा व समाधी के विषय में कहा की .दीक्षा व समाधि निरर्थक है। -यदि हमारा एक भी दुश्मन है तो। उन्होंने कहा हमे मंदिर आने के पहले दुश्मन को छोड देना पडेगा, यदि तुम्हारा कोई दुश्मन है तो वह सब कुछ भस्म कर देगा। दुश्मन जिसकी जिंदगी मे हे उसकी दीक्षा व समाधी कभी नही हो पायेगी। उसकी पुजा करना निरर्थक हो जायेगी है।
-दुश्मन यदि बुरा नही बोले तो वह दुश्मन नही जिस जिसको हमने दुश्मन माना वो हमे नकारात्मक उर्जा देता है। दुश्मन से हमें ऊर्जा प्राप्त नही हो सकती है। संसार में यदि कोई दुश्मन हो तो तुम्हारा सब कुछ नष्ट कर देगा। दुश्मन पुराण मे दुश्मन का बुरा होना चाहिये।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
