तपस्वी आचार्य कुशाग्रनदी महाराज की प्रेरणा व श्रीअड़ीन्दा पार्श्वनाथ तीर्थ क्षेत्र की वंदना से व्यक्ति की भारी व्याधि हुई दूर –

धर्म

तपस्वी आचार्य कुशाग्रनदी महाराज की प्रेरणा व श्रीअड़ीन्दा पार्श्वनाथ तीर्थ क्षेत्र की वंदना से व्यक्ति की भारी व्याधि हुई दूर –

उदयपुर के समीप पावन पुनीत तीर्थ अड़ीन्दा जहां विराजित हैं
अतिशयकारी पार्श्वनाथ भगवान जिनका सचमुच साक्षात अतिशय को देखने को मिलता है। ऐसा ही एक अतिशय साक्षात देखने को मिला।
यह वाकया हुआ एक व्यक्ति जिसकी 16 माह से आंखे नही खुल पा रही थी, और बोल भी नही पा रहा था जिसको घर वाले हाथ पकड़ कर ले जा सकते थे। तब उन्हें पूज्य तपस्वी आचार्य श्री कुशाग्रनंदी जी महाराज ने उदयपुर के निकट श्री अड़ीन्दा पार्श्वनाथ तीर्थ के दर्शन वंदना की प्रेरणा दी।

होना क्या था परिजनों ने ऐसा ही किया और फिर जो हुआ वह किसी अतिशय से कम नहीं आका जा सकता
गुरुवाणी व जिनेद्र प्रभु का अतिशय की जिस व्यक्ति को उसके परिजन हाथ पकड़ कर मंदिर जी में लाए वो प्रभु पार्श्वनाथ स्वामी के सामने श्रीफल लेकर जयकारा लगाते ही उसकी आंखे खुल गई,दिखना प्रारंभ हो गया व बिना किसी सहारे के चलना भी प्रारंभ कर दिया।
प्रभु पार्श्वनाथ भगवान का दिव्य चमत्कार पूज्य गुरुदेव की प्रेरणा का प्रतिफल ही कहा जाएगा।
है यह पावन भूमि यहां बार बार आना
पार्श्वनाथ के चरणों में आकर के झुक जाना

शाह मधोक जैन चितरी से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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