समवशरण में विराजमान होकर विधान की धार्मिक क्रियाओं में संलग्न होना बड़े ही पुण्य का बन्ध करता हैं*- आचार्य वसुनंदी रविवार को होगी जैनेश्वरी मुनि दीक्षा
पदमपुरा
श्री पदमप्रभु भगवान अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदम पुरा में तीन दिवसीय त्रिकाल चौबीसी 72 समवशरण विधान का वृहद आयोजन अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान व पदम पुरा प्रबन्धकारिणी समिति के तत्वावधान में आयोजित हो रहे कार्यक्रम में द्वितीय दिवस चौबीस तीर्थंकरों की विशेष पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर 72 परिवारों द्वारा समवशरण में विराजमान होकर सातिशय पुण्य का अर्जन किया गया। इंद्रों द्वारा समवशरण से पाँच जिन बिम्ब लाकर पाँच पाण्डुशिला पर विराजित कर अभिषेक शांतिधारा से कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ ।
इस अवसर पर आचार्य वसुनंदी महाराज ने कहा की तीर्थंकर प्रभु सतत शांति को प्रदान करने वाले होते हैं। ऐसा नही है कि केवल ज्ञान की प्राप्ति उपरांत ही आत्मिक शांति प्रदान करते हैं अपितु प्रत्येक समय शांति को देने वाले होते हैं। सभी वो जीव जो किसी भी कल्याणक में पहुँच कर अनुमोदना करते हैं। आत्मिक सुख शांति को प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर पाद प्रक्षालन व शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य शांति लाल ममता सौगानी परिवार जापान वालो को प्राप्त हुआ तो चित्र अनावरण वीरचन्द गजेंद्र जैन प्रवीण जैन बड़जात्या परिवार कामां वाले वैशाली नगर जयपुर को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर शशि जैन , भारतभूषण अजमेरा , सुनील बज , इंद्रा बडजात्या ,सुनील काला सहित जैन बैंकर्स फोरम के सदस्य उपस्थित रहे ।कार्यकम में उदयपुर , सलूम्बर, शाहदरा , जयपुर , रेनवाल , कुचामन , मुरैना , छुहारा , कामा, बस्सी , बसवा , आदि कई स्थानों के भक्त शामिल हुए ।

पंच मुनियों का दीक्षा दिवस
अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान राजस्थान प्रान्त द्वारा आयोजित 72 समवसरण विधान के दौरान उपाध्याय प्रज्ञा नंद महाराज,मुनि श्रद्धा नंद महाराज,मुनि शिवा नंद महाराज मुनि प्रशमानंद महाराज,मुनि पवित्रानंद महाराज का ग्यारहवा मुनि दीक्षा दिवस भी आयोजित किया। धर्म जागृति संस्थान के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री संजय जैन बड़जात्या कामां ने बताया कि 29 मार्च 2015 को अंतिम अनुबद्ध केवली भगवान जम्बूस्वामी की तपोस्थली बोलखेड़ा में आचार्य वसुनंदी महाराज द्वारा दीक्षा प्रदान की गई थी। प्रांतीय अध्यक्ष पदम जैन बिलाला ने बताया कि इस अवसर पर आचार्य वसुनंदी महाराज ने कहा कि आज पँचरत्न की तरह पंच जीवो ने स्व पर कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया था। बाल ब्रह्मचारी बन जिन धर्म के मार्ग पर चलना निसन्देह चमत्कार है। अतिशय क्षेत्र उनकी साधना में अतिशय प्रकट करे यही मेरा मंगल आशीर्वाद है।
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दो तीर्थंकर का निर्वाण कल्याणक
कार्यक्रम में चौदहवें तीर्थंकर अनंतनाथ व अठारहवें तीर्थंकर अरहनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक पर विश्व शांति हेतु निर्वाण लाडू भक्तों द्वारा समर्पित किये गए।


रविवार को विधान पूजन के अलावा दो जैनेश्वरी दीक्षाये होगी जिसमे एक मुनि दीक्षा होगी ।
संकलित जानकारी केसाथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
