माता पिता

काव्य रचना

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धरती के हर इक प्राणी ने , *मां से ही जीवन* पाया है

और पिता ने खुशियां देकर, अपना प्यार लुटाया है

कदम कदम पर हमें संभलना, मात -पिता सिखलाते हैं

और कठिन राहों में हमको हिम्मत वही दिलाते हैं

पल-पल अपना जीवन अर्पण करके जो कुछ भी पाया है

वो स्वप्न हमारे पूरे करने ,हेतु स्वयं ग॔ँवाया है

धरती पर भगवान हमारे मात -पिता ही होते हैं

तन-मन से जो सेवा करते वो अपना भाग्य संजोते है

आशा रानी जैन *आशु*

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