धर्म के मार्ग में हम अपने स्वार्थ की वजह से आपसी बैर बांध रहे है समाज मे धर्म के नाम पर वैमनस्य फैला रहे है शुद्धसागर महाराज
कोटा
दिगम्बर जैन मन्दिर तलवण्डी में विराजमान दिगम्बर युवा संत मुनि 108 श्री शुद्ध सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में समाज मे धर्म के नाम पर फैल रहे द्वेष के बारे में बोलते हुए कहा कि धर्म के मार्ग में हम अपने स्वार्थ की वजह से आपसी बैर बांध रहे है, समाज मे धर्म के नाम पर वैमनस्य फैला रहे है, इन सब से समाज को बचाने की आवश्यकता है।
हम हमारा सारा पुरुषार्थ इसी बात में लगाते है कि शरीर सुखी हो जाये किंतु यह सब व्यर्थ है हमे पहले यह निर्णय करना पड़ेगा कि सुखी किसको करना है शरीर को या हमारी जीव आत्मा को। हम हमारे जीव आत्मा के कल्याण का प्रयास नही करते है करते है तो भी मात्र दिखावा।

शरीर की प्रशंसा ओर दिखावे में हम हमारा अमूल्य समय व्यर्थ गवा रहे है।
निज ओर पर के भेद को पहचानते हुए शरीर को पराया मानते हुए निज आत्मा के कल्याण के लिए निज
आत्मा से सम्बंध हेतु आगम की शरण मे,गुरु की शरण मे जाना ही पड़ेगा।
इस अवसर पर समाज के सेकड़ो श्रावक जन उपस्थित रहे और गुरुवाणी का श्रवण किया।।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
