हम सबसे पहले इंसान है फिर बाद में जैन है चंद्रगुप्त जी
टांडा
आचार्य श्री 108 चंद्रगुप्त महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में नगर की भक्ति की जमकर तारीफ की उन्होंने कहा कि हम सबसे पहले इंसान हैं फिर जैन। मार्ग अलग हो सकते हैं पर लक्ष्य एक ही है। वीतरागता और मोक्ष हम मुट्ठी भर है अगर बट गए तो हमारी प्रतिष्ठा भी नहीं बचेगी।
उन्होंने टांडा संघ की अनुमोदना की और कहा की यहां श्वेतांबर संघ है फिर भी युवाओं की भक्ति सराहनीय है। सेवा में कोई भेद नहीं रखते। यहां की सरसता और समरसता से केवल हम जैन हैं होने का परिचय मिलता है।


एक पंक्ति के द्वारा महाराज श्री ने कहा कि हम न दिगंबर न श्वेतांबर, न तेरहपंथी न स्थानकवासी हम एक पंथ के अनुयाई, एक देव के विश्वासी, हम जैनी हैं, यही परिचय हो।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
