आर्यिका मृदुमति माताजी ने स्कूल के बच्चों को दी नैतिक शिक्षा व बच्चो को मोबाइल फोन का अधिक उपयोग ना करने की सीख दी
दमोह
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की परम शिष्या आर्यिकव105 मृदुमति माताजी ने मॉडर्न स्कूल के बच्चों को उद्बोधन देते हुए उन्हें नैतिक शिक्षा प्रदान की माताजी ने कहा की भारत की हिंदी भाषा भावो को करने में सक्षम है। हिंदी को अपनाने पर जोर दिया। विद्यार्थियों को बाल ब्रह्मचारी बताते हुए माताजी ने उन्हें कहा की जब तक विवाह न हो तब तक ब्रह्मचर्य आश्रम को सफल बनाएं। और बड़े होने पर अपने माता-पिता की अनुमति से ही विवाह करें।
उन्होंने बच्चों को मोबाइल का अधिक उपयोग ना करने की सीख दी, कहा कि इससे फायदे कम होते हैं वह नुकसान ज्यादा होते हैं। आगे बोलते हुए उन्होंने नारी विषय पर कहा कि शीलवाल नारियों ने ही, महापुरुषों को जन्म दिया है, दिन मैं भोजन करने की आदत अच्छी होती है, विशेष बोलते हुए कहा कि रात्रि में किया गया भोजन सही तरह से नहीं पढ़ पाता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि व्यसनाओ का त्याग करके जीवन को उन्नत बनाना है।
बच्चों ने किया मादक पदार्थों का त्याग
माताजी के प्रवचन से प्रभावित होकर बच्चों ने गुटखा पाउच मादक पदार्थ आदि कभी नहीं खाने का संकल्प लिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
