आचार्य विद्यासागर महाराज के आचार्य पदारोहण दिवस पर 10000दीपको से महाआरती की गईं। आर्यिका 105 दृढ़मति माताजी संघ का पिच्छिका परिवर्तन संपन्न

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आचार्य विद्यासागर महाराज के आचार्य पदारोहण दिवस पर 10000दीपको से महाआरती की गईं।
आर्यिका 105 दृढ़मति माताजी संघ का पिच्छिका परिवर्तन संपन्न
सागर
आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के 50 वर्ष आचार्य पद के पूर्ण होने पर उनका आचार्य पद दिवस मनाया गया। इस हेतु नगर के प्रमुख मंदिरों में आयोजनों का सिलसिला चलता रहा सुबह की बेला में श्री जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई और संध्या बेला में 10000 दीपों से आचार्य गुरुवर के चित्र के समक्ष मंगल आरती की गई। कार्यक्रम के प्रवक्ता अनिल नेम धरा ने बताया कि सुबह की बेला में आर्यिका 105 दृढ़मति माताजी के संघ सानिध्य में उदासीन आश्रम काका गंज से श्री जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई इस यात्रा में मुख्य आकर्षण का केंद्र आचार्य श्री के जीवन पर आधारित झांकियां थी शोभायात्रा में भक्तों झूमते गाते चल रहे थे।

माता जी संघ का दोपहर की बेला में पिच्छिका का परिवर्तन संपन्न हुआ। दृढ़मति माताजी की पुरानी पिच्छिका सर्वोतोभद्र जिनालय के ट्रस्टी प्रदीप ज्योति जैन को मिली।

 

 

 

 

पूज्य माताजी ने आचार्य श्री परप्रकाश डालते हुए कहा की माताजी ने कहा कि आचार्य श्री तो ऐसे संत हैं जिनके गुरु ज्ञान सागर महाराज ने दीक्षा देने के बाद उन्हें खुद अपना गुरु बना लिया इतिहास में ऐसे उदाहरण मिलते हैं
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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