भारतीय संस्कृति भक्ति प्रधान है आर्यिका आराध्य मति माताजी

धर्म

भारतीय संस्कृति भक्ति प्रधान है आर्यिका आराध्य मति माताजी

शाढोरा

पूज्य आर्यिका 105 आराध्यमति माताजी सानिध्य मे सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन हो रहा है इस अवसर उन्होने प्रभु भक्ति पर जोर दिया उन्होने कहा संसार भ्रमण की परिपाटी मिटाने का एक मात्र प्रभु भक्ति है भारतीय संस्कृति भक्ति प्रधान है यह पावन सिद्धचक्र महामंडल का अनुष्ठान भक्ति का प्रमुख साधन है। उन्होने मानव पर्याय को दुर्लभ बताते हुए कहा की यह मानव पर्यायदुर्लभ है इसे पाने के लिए देवगणभी तरसते हैं और यह संयोग पाकर भी अगर हम प्रभु भक्ति से वंचितरहे तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा।

 

 

इस अवसर पर माताजी ने मैना सुंदरी के जीवन चारित्र को बताया उन्होंने कहा किकिस प्रकार मैना सुंदरी ने अपने
भाग्य पर भरोसा रखते हुए अपनेपिता को वर चुनने का अधिकार दिया और कुष्ठ रोग से  युक्त श्रीपालसे विवाह करने की सहमति दीऔर अपने पुरुषार्थ और इसीविधान के माध्यम से की गई प्रभु भक्ति से अपने पति को रोग मुक्त
कर कंचन काया युक्त बना दिया थाउन्होंने कहा कि सिद्ध प्रभु कीभक्ति सर्व इष्ट फलों को देने वाली
होती है।

संकलन अभिषेक जैन लूहाडीया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *