आज यह जयोदय तीर्थ बुंदेलखंड ही नही पूरे भारत में प्रसिद्ध है मुनि श्री
इसरवारा
मुनि श्री शैलसागर महाराज ने अपने उद्बोधन में जयोदय तीर्थ पर प्रकाश डालते हुए कहा यहाँ शांतिनाथ भगवान के जिनालय का पिछले 30 वर्षों में बहुत कुछ परिवर्तन हुआ है। साथ ही यह भी कहा यह क्षेत्र बुंदेलखंड ही नही पूरे भारत में प्रसिद्ध है। निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागर महाराज की जन्मस्थली के कारण यहाँ की माटी को लोग देखने आते है। उन्होंने परिग्रह के विषय पर भी अपना उदबोधन दिया कहा भक्त दान न करे तो परिग्रह एकत्रित हो जाता है। दान करने से पाप कटते है। यह भी कहा संग्रहण और परिग्रह में जमीन आसमान का अंतर है। सभी की अनुमोदना करते हुए कहा आप लोगों के दान से ही यह क्षेत्र इतना बड़ा हो गया। दान का उपदेश मुनि देते है,क्योंकि श्रावक पाप कमाते है, औऱ पुण्य कमवाते है। क्षेत्र के विषय मे आगे कहा भविष्य में यहां आकर मुनि महाराज माताजी साधना करेगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
