जयपुर महानगर की धरती पर रचा इतिहास….

धर्म

जयपुर महानगर की धरती पर रचा इतिहास….
जयपुर
यद्यपि जयपुर जिसे गुलाबी नगरी के नाम से भी जाना पहचाना जाता है, जयपुर महानगर जिन मंदिरों की खान होने पर भी कहीं-कहीं सुना है कहा जाता है *”पानी में मीन प्यासी”* यह कहावत वहां चरितार्थ होती है। जहां *महानगर जयपुर का उपनगर सांगानेर संभाग में स्थित गोवर्धन नगर जो लगभग 15 वर्षों से बसा हुआ है, जहां जिन मंदिर का अभाव होने से श्रावक गण समुचित धर्म लाभ से वंचित थे। बहुत प्रयास के बावजूद भी जिनालय नहीं बन पाया, आखिर कारण क्या?*
*जिसको श्रेय मिला था वह अभी तक नहीं मिल पाया था*
*पुण्योदय हुआ कि परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 श्री विशुद्ध मति माताजी की ज्येष्ठ 37 वर्षीय दीक्षित आर्यिका सौम्य मूर्ति*
*बाल योगिनी आर्यिका रत्न 105 श्री विजयमति माताजी का मंगल वरद हस्त का शुभ आशीर्वाद गोवर्धन नगर समाज को प्राप्त हुआ की देखते देखते 311 पॉइंट 11 वर्ग गज की भूमि पर एक साथ “श्री वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर” एवं “संत भवन” के निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली, और मात्र 9 महीने में जिनालय एवं संत भवन दो दो मंजिल बनकर तैयार हो गया, इतने कम समय में उक्त निर्माण कार्य होना बहुत आश्चर्य कारी है।*
आगामी 15 जनवरी 2022 को एक साथ *मुख्य बेदी का शिलान्यास,*


???????????? *सर्व सुविधायुक्त गुरु मां विजय मती रत्नत्रय निलय (संत भवन) का लोकार्पण* एवं
*”गुरु मां विजय मति माताजी का पिच्छिका परिवर्तन”*
सम्पूर्ण निर्माण कार्य एवं कार्यक्रम *संघस्थ बहिन काव्य वादिनी बाल ब्र. अल्पना दीदी के मार्ग दर्शन में सम्पन्न होने जा रहे है।

जो भव्य कार्यक्रम होगा
समाज की और से सभी से श्री कमल सोगानी ने कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पधारने और पुण्य लाभ लेने की अपील की है ।
कमल सौगानी गोवर्धन नगर सांगानेर जयपुर से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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