दीक्षार्थी रिदम कोचर का निकाला गया बरघोडा व किया गया बहुमान

धर्म
  1. दीक्षार्थी रिदम कोचर का निकाला गया बरघोडा व किया गया बहुमान
    रामगंजमडी
    दीक्षार्थी बहन रिदम कोचर का पूज्य उत्तम रत्न सागर जी महाराज की निश्रा में एवम श्री जैन श्वेतांबर श्रीसंघ के तत्वावधान में बरघोडा निकाला गया। यह बरघोडा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकला दीक्षार्थी इस भव्य यात्रा में वर्षीदान करते हुए चल रही थी जगह जगह दीक्षार्थी का माला श्रीफल देकर बहुमान किया गया। व उनके इस मार्ग की अनुमोदना की। युवा वर्ग इस यात्रा भक्ति नृत्य करते हुए चल रहे थे।
  2. पूज्य उत्तम रत्न सागर जी महाराज व सघस्थ महाराज श्री इस भव्य शोभायात्रा में सम्मलित रहे। बाद में यह शोभायात्रा श्वेताबर जैन मंदिर पहुंची जो धर्मसभा में परिवर्तित हुई। दीक्षार्थी को ढोल नगाड़ों के साथ मच तक लाया गया हर कोई बस दीक्षार्थी की एक झलक देखने को आतुर था। धर्मसभा का संचालन प्रदीप चतर वा अंशुल मेहता ने किया ने किया। धर्मसभा की शुरुआत मंगलाचरण से हुई।मंगलाचरण श्रीमती अंतिमा जैन, अन्नपूर्णा बोथरा, व राजुल चतर द्वारा किया गया। इस अवसर पर समाज की और से श्रीमान हुकुम बाफना, वीरेंद्र जैन, अजित पारख ने अपने विचार रखे व दीक्षार्थी की अनुमोदना की
  3. नश्वर शरीर को जब तक तोड़ेंगे नही तब तक सिद्ध नही बनोगे उत्तम रत्न सागर जी
    इस अवसर पर दीक्षा के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए पूज्य मुनि श्री उत्तम रत्न सागर महाराज ने कहा यदि प्रभु भक्ति में रंग, मन मे उमंग, भक्ति में दबंग,आज रिदम बहन के बहन के बहुमान का प्रसंग। उन्होंने कहा नश्वर शरीर को तोडे बिना व्यक्ति सिद्ध नही बनेगा। आप दीक्षा लो या न लो पर दीक्षार्थी की अनुमोदना जरूर करो। कर्म सिद्धान्त की व्याख्या करते हुए कहा राशि पर कभी विश्वास न करे क्योंकि राम औऱ रावण की राशि एक , क्रोसिन औऱ कोरोना की राशि एक यह सब कर्म अधीन है। मानव कषाय में पड़ा है। मैं यह कर सकता हु यह मेरा आत्मविश्वास है, यह काम मैं ही कर सकता हु यह मेरा अहंकार है अहँकार को छोड़ो।
    दीक्षार्थी रिदम कोचर ने महज 13 वर्ष की अल्प उम्र में संसार से विरक्ति की ओर कदम बढ़ा रही वह महिदपुर की है। इन्हें 14 feb 2022 को पूज्य गुरुदेव मुक्तिसागर सुरीश्वर जी महाराज के द्वारा दीक्षा दी जाएगी। इस अवसर पर दीक्षार्थी बहन ने अपने विचार रखे औऱ कहा मुझे इस संसार को छोड़ना है,औऱ मोक्ष को पाना है। संयम के पथ पर चलना है तो संसार को छोड़ना ही होता है।भावुक शब्दो के साथ आप दीक्षा न ले सके कोई बात नही लेकिन आज कोई न कोई नियम लेकर जरूर जाए। मुझे इस मार्ग पर चलने आशीर्वाद प्रदान करें। सभी से दीक्षा महामहोत्सव पधारने की अपील की।

  4. सभा के अंत मे दीक्षाथी परिवार ज़न का अभिनदन किया गया। व श्रीसंघ की औऱ से दीक्षाथी को बहुमान पत्र आदि देकर बहुमान किया गया। जिसका वाचन श्रीसंघ की औऱ से प्रदीप चतर ने किया। अंत में कार्यक्रम के पश्चात श्री संघ की ओर से स्वामी वात्सल्य रखा गया इससे पुर्व प्रातःबेला में पूज्य उत्तमरत्न सागर महाराज आदि महाराज श्री का भारी वर्षा के बीच आगमन हुआ। समाजजनों ने उनकी आगवानी की। पूज्य महाराज श्री महज 40 दिनों में 850 km का उग्र विहार कर रामगंजमडी आए।
    अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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