अनन्त प्रेम
सम्मेद शिखर
प्रिय आत्मन
शुभाशीर्वाद – नववर्ष मंगलमय हो।
तीर्थवंदना, प्रभुभक्ति, गुरु सेवा और मात पिता का शुभाशीष कठिन से कठिन वक्त को भी सम्हाल लेता है। इसलिए उठ गए हो तो इनको धन्यवाद दो। क्योकि सबकी जिंदगी मे इनका सहारा नही होता। ये सच है- जो हम चाहते है वो आसानी से नही मिलता लेकिन यह भी सच है- हम भी वही चाहते है जो आसानी से आसान नहीं होता इसीलिए हर पेड़ फल दे यह जरूरी नहीं है- किसी को छाया भी बड़ा सुकून देती है।

है परमात्मा ज्यादा ख्वाहिशे नहीं
बस जिंदगी का अगला लम्हा पिछले से
बेहतरीन हो –नव वर्ष मंगलमय हो
अनंत उर्जावान सम्मेद शिखर पर्वत की
तप मोंन साधना से सबको आशीर्वाद
अंतर्मना
1जनवरी 2022
