प्रथम गुरु अपने माँ बाप को बनाईये गुणरंजना श्री जी
रामगंजमडी
श्री जैन श्वेताम्बर समाज के 8 दिवसीय पर्युषण पर्व का शुभारभ हो गया इस बेला में जैन श्वेताम्बर मंदिर में विराजित साध्वी प्रवर गुणरंजना
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श्री महाराज साहब की निश्रा में सुबह श्री जी के समक्ष्य भक्तामर का पाठ हुआ प्रथम दिन के आयोजन के क्रम सुबह 9 बजे साध्वी जी के प्रवचन हुए, साध्वी गुणरंजना श्रीजी ने कहा कि मनुष्य के साथ देव लोक के देवता भी 8 दिन इस पर्व को मनाते है। इस पर जोर देते हुए कहा की आत्मा को प्रकाश का जंक्शन बनाने का कार्य पर्युषण पर्व करता है। आगे बोलते हुए कहा की तन ओर वस्त्र तो रोज साफ करते हो मन को शुद्ध और साफ भी करो।
शुद्ध और साफ करने की बात करो कँकर से शंकर बनने का, एवम तन और मन को साधने का शिविर है पर्युषण पर्व।-साध्वी जी ने सीख देते हुए कहा की प्रथम गुरु अपने माँ बाप को बनाईये- कभी भी अपने मां बाप को वृद्धाश्रम भेजने की भूल नही करने की बात कही। साथ ही अपमान के समय समभाव में रहने की बात कही।
खुद का पेट पिटारा बनने में लगा है मानव
उन्होंने कहा आज मानव खुद का पेट ओर पिटारा भरने में लगा है, जबकी होना यह चाहिये की भूख अगर चार रोटी की हूँ तो तीन खाओ। एवम एक रोटी अपने स्वधर्मी भाई को खिलावे.
84 हजार साधुओं की भक्ति करने से भी बड़ी भक्ति स्वधर्मी भक्ति को बताया। स्वामी वात्सलय का महत्व समझाते हुए उन्होंने कहा कि समाज का गरीब और अमीर एक साथ
प्रेम से एक थाली में खाना खाए उसे
स्वामीवात्सलय कहते है। साध्वी जी ने कहा कि आज के युग में पैसा रूपी मदारी आदमी को नचा रहा है। धर्म पाप के ताले को बंद करके पुण्य
के ताले को खोलने का कार्य करता
दोपहर में मंदिर में भगवान महावीर स्वामी की पूजन हुई- रात्रि को संगीतमय भजन संध्या का आयोजन हुआ।
पर्युषण पर्व का प्रथम दिन पूरे उत्साह एवम उमंग के साथ सभी ने धार्मिक क्रियाओं के साथ मनाया एवम कर्म निर्जरा की।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

