आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज का संघ सहित चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ में हुआ मंगल आगमन
डोंगरगढ़
विश्व वंदनीय आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज का लगभग 6 वर्षों के बाद चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ में मंगल आगमन हुआ। जैसे ही गुरुदेव का आगमन तीर्थ की भूमि पर हुआ समस्त जैन समाज, चंद्रगिरी ट्रस्ट समिति, हथकरघा के समस्त कर्मचारी, प्रतिभास्थली के बच्चे, ब्रह्मचारिणी दीदीयो ने बैंड बाजो व जयकारों के साथ गुरुदेव की अभूतपूर्व आगवानी की।
जिस मार्ग गुरुदेव का मंगल आगमन हुआ जगह-जगह रंगोली बनाई गई हुई थी। आचार्य श्री शिरपुर अंतरिक्ष पारसनाथ महाराष्ट्र से लगभग 782 किलोमीटर का पद बिहार कर चंद्रगिरी डोंगरगढ़ तीर्थ पर आए। जानकारी को साझा करते हुए चंद्रगिरी ट्रस्ट के अध्यक्ष सेठ सिंघई किशोर जैन ने बताया कि आचार्य श्री के आशीर्वाद से चंद्रगिरी तीर्थ पर मंदिर निर्माण का कार्य द्रुत गति से चल रहा है। उन्होंने बताया कि यहां पर प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ में कक्षा चार से बारहवी तक विद्यालय संचालित है। इस साल से कक्षा एक से पांचवी तक डे स्कूल भी संचालित किया जाएगा। जिसके प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां पर गौशाला का संचालन भी किया जा रहा है, जिसका शुद्ध दूध, घी, भरपूर उपलब्ध रहेगा।
विस्तृत जानकारी देते हुए चंद्र गिरी ट्रस्ट के निशांत जैन विशुद्ध ने बताया कि यहां पर हथकरघा का संचालन भी विशाल रूप में किया जा रहा है। यहां बनने वाले वस्त्रों की काफी मांग है। हथकरघा के द्वारा जरूरतमंद लोगों को रोजगार मिल रहा है। यहां पर बनने वाले वस्त्रों की डिमांड दिनों दिन बड़े रही है। उन्होंने बताया कि यहां के वस्त्रों को अहिंसक पद्धति के द्वारा बनाया जाता है। जिसका वैज्ञानिक दृष्टि से उपयोगकर्ता को बहुत लाभ होता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
