पत्रकार सकारत्कमता को लिखे प्रज्ञासागर महाराज
उज्जैन

भारत देश के कोने कोने से 60 से भी अधिक पत्रकारों का दो दिवसीय अखिल भारतीय जैन पत्रकार महासंघ का तीसरा अधिवेशन उज्जैन महावीर तपोभूमि पर तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज की निश्रा मे सम्पन्न हुआ। यह आयोजन अपने आप मे एक नयी इबारत लिख गया। इन दो दिन के आयोजन मे समस्त पत्रकारों ने अध्यक्ष रमेशचंद तिजारिया राजेंद्र महावीर हसमुख गांधी के निर्देशन मे उज्जैन मे एक प्राचीन संग्रहांलय अवलोकन किया जो यह प्रमाण देता है की जैन दर्शन अति प्राचीन है। और उज्जैन भी उसका केंद्र बिंदु है। वही समस्त पत्रकार बंधु ने सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट सिद्धक्षेत्र की वंदना की। वहा की वंदना कर सभीअभिभूत हुए। समिति द्वारा समस्त पत्रकारों का भाव भीना अभिनंदन किया व अभूतपूर्व सत्कार किया। वही इस वंदना के क्रम मे तत्व चर्चा के द्वारा श्री प्रकाश छाबडा सभी की शंका का समाधान किया।
दुसरे दिन इस अधिवेशन के क्रम मे साधारण सभा की बैठक आहूत हुयी जिसमे समूह की गतिविधियो पर आगे होने वाली योजनाओं पर प्रकाश डाला गया इन मांगलिक पलो मे पूज्य आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज के सानिध्य मे आयोजन की शुरुआत दीप प्रज्वलन से गयी इस आयोजन मे डॉ अनुपम जैन इंदौर प्रकाश मोदी पारस टीवी, श्री प्रदीप जैन प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया,श्री कमलेश कासलीवाल, सूरजमल बोबरा के विशेष अतिथि के रूप मे हुयी। इस क्रम मे पूज्य आचार्य श्री के सानिध्य मे सभी पत्रकारों को मंगल आशीर्वाद दिया और समिति द्वारा अभिनन्दन किया गया इस अवसर पर अनुपम जैन इंदौर ने इतिहास को सरक्षण करने पर जोर दिया। इस अवसर श्री संजय मुकादी ने डिजिटल मीडिया के विषय पर सभी को समझाया।
पूज्य आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज ने पत्रकारो को सीख देते हुए कहा की सकारात्मकता को लिखे नकारात्मकता को न छापे उन्होने कहा पत्रकारों को आईना कहा उन्होने कहा आजकल संकलन का जमाना आ गया।बिना जाने उसकी जानकारी किये न छापे कलम इतना दम हो समाज मे फेल रही आराजकता समाज मे गिरते संस्कार बिगड़ी हुयी मानसकिता दूर हो सके। मंदिरों से धार्मिक संस्कारो से विमुख होती युवा पीडी जाग्रत हो सके।अपनी सभ्यता संस्कृति की और लोटे। उन्होनें सबसे बड़ा पत्रकार राजा श्रेणिक को बताया क्योकी पत्रकार वो है जो जागरूक हो औऱ वह जागरूक था उन्होंने भगवान महावीर से 60000 प्रश्न किये पत्रकार वही है जो प्रश्नों को करे
हमारा घर हमारा सविधान पर दिया जोर
पूज्य आचार्य श्री ने हमारा घर हमारा सविधान पर दिया जोर
उन्होने कहा हर घर मे यह 9 सविधान बने
1हमारा परिवार देव् शास्त्र गुरु का भक्त होगा
2 हमारा परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी मदिरापान एवम मांसाहार का त्यागी होगा
3 हमारा परिवार परस्त्री सेवन एवम वेश्यागमन जेसे महापाप का त्यागी होगा
4 हमारे परिवार मे विजातीय लडके लड़की से विवाह नहीं किया जाएगा
5 हमारे परिवार मे कोई भी आत्महत्या जेसे जघन्य अपराध नहीं करेगा
6 हमारा परिवार भूखा रह जाएगा लेकिन माँसाहारी होटल मे भोजन पानी ग्रहण नहीं करेगा
7 हमारा परिवार विवाह व अन्य सामूहिक आयोजनों मे आलू प्याज लह्सन जेसे अभक्ष्य को भोजन मे नही बनाएगा
8 हमारा परिवार कभी भी मांस शराब जेसे हिंसक एवम मादक पदार्थो का व्यापार नहीं करेगा
9 हमारा परिवार गर्भपात जघन्य अपराध नहीं करेगा
इस आयोजन का कुशल सञ्चालन सुनील; जैन संचय राजेंद्र महावीर प्रगति जैन ने किया इस आयोजन मे रमेश तिजारिया उदयभान जैन का सहयोग रहा मनीष विधार्थी शाहगढ़ प्रकाश जैन शाहगढ़ महेंद्र बैराठी दिलीप जैन अखिलेश जैन आर के जैन अनिल शास्त्री राजा बाबू गोधा अभिषेक लुहाड़ीया उषा पाटनी राकेश सोनी संजय बडजात्या राजेश जैन बीना आदेश जैन ममता गांधी संजय बडजात्या राकेश चपलमन पंकज जैन सचिन कासलीवाल आश्विन कासलीवाल रितेश पतग्या सचिन आदि मोजूद रहे
अभिषेक जैन लूहाड़ीया रामगंजमंडी
