भारत की बनी हुई वस्तु का उपयोग करें विदेश की कोई भी वस्तु का उपयोग न करे मुनि श्री

धर्म

भारत की बनी हुई वस्तु का उपयोग करें विदेश की कोई भी वस्तु का उपयोग न करे मुनि श्री
चाँदखेड़ी
निर्यापक श्रमण सुधासागर जी महाराज ने शनिवार के अपने प्रवचन में देश प्रेम का उल्लेख किया साथ ही उन्होनें स्वदेशीकरण पर जोर दिया उन्होनें कहा भारत की बनी हुई वस्तु का उपयोग करे, चाइना की वस्तु खरीदते समय एक ही विचार करना की आपके पैसे से चाइना शक्तिशाली हो रहा है। साथ ही उन्होंने कहा ऐसा करके हम अपनी सैनिक शक्ति को कमजोर कर रहे है।
उन्होनें जोर देते हुए कहा आज चाइना जितना समान आप को भेज रहा है, क्या उतना सामान आपके यहाँ से जा रहा है। सभी का ध्यान इस औऱ इंगित किया, विदेशी व्यापार घाटे की स्थिति क्या है,आपको पता है,आज विदेशी व्यापार घाटा अरबों डालर हो गया। क्योंकि हम सोच ही नहीं रहें कि हम क्या खरीद रहे हैं सरकार तो कुछ भी नहीं कर सकती। क्योंकि कुछ संधी ऐसी है। जिन्हे सरकार मानने को वचन बाध्य हैं।
सन्त तुम्हें प्रेरणा दे रहा है।
मुनि श्री ने प्रेरणादायक मार्मिक विचार देते हुए कहा संत तुम्हारे लिए प्रेरणा देते रहा कि विदेशी वस्तुओं खासकर खाद्य पदार्थ का उपयोग नहीं करना ।
भारत के खिलाफ निदा मत करना नही तो बदुआ लगेगी
मुनि श्री ने कहा,भारत पर जन्म लिया, भारत की संस्कृति, भारत के खिलाफ निंदा मत करना, गौरव कर सकें ऐसा करना। भारत के खिलाफ निंदा मत करना नहीं तो भारत की माटी की बद्दुआ व नजर लगेगी। उन्होंने इस बात को जोर देते हुए कहा भारत के बाहर जाने की की मत सोचना। बस यही विचार करना भारत से मात्र 1 दिन भी दूर नहीं हो। मेरे पास जो कुछ वह भारत का। जिस दिन म मन में भाव आ जाए मेरे भारत से अच्छा विदेश है।भारत में जन्म लेकर भी वह देश की आलोचना करना विदेशियों को बचाने का एक उपाय हैं। सदा अपना धर्म का सदुपयोग करना मंदिर धर्मशाला विद्यालय बनवाना।
तुम्हारा भारत देश कैसा है जिस भारत भूमि में जन्म लिया वह कैसी भूमि है यदि तुम्हारे लिए अच्छा लगे तो भगवान के सामने कायोत्सर्ग पूर्वक नियम लेना कि मेरा जन्म जब भी हो इसी भारतीय भूमि पर हो और मरण हो तो भी भारत माता की गोदी में प्राण जाये अपने देश को कभी मत कोसना कभी ये भाव मत लाना कि मेरे देश से अच्छा फला देश है उनकी प्रशंसा कर लेना लेकिन अपने देश को कभी मत दोष देना।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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