आज के समय में जब एक सपना मनीष गोधा की धर्म सेवा निष्ठा समर्पण को देख लगा की राजा खारवेल का हुआ पुनर्जन्म प्रदीप सोनी रामगंजमंडी पट्टाचार्य महोत्सव के अनुभव को किया सांझा

धर्म

आज के समय में जब एक सपना मनीष गोधा की धर्म सेवा निष्ठा समर्पण को देख लगा की राजा खारवेल का हुआ पुनर्जन्म प्रदीप सोनी रामगंजमंडी पट्टाचार्य महोत्सव के अनुभव को किया सांझा
रामगंजमंडी
संपूर्ण विश्व में जिस क्षेत्र की चर्चा सर्वाधिक रही वह था सुमति धाम इंदौर जहां हम सभी ने एक महा महोत्सव को देखा टीवी चैनल के माध्यम से एवं लाखों लोगों ने वहां जाकर उन दृश्यों को देखा।

 

जब से यह महोत्सव इंदौर नगर में हो रहा था तब से श्री प्रदीप सोनी वही रहे एवं धर्म आराधना की उन्होंने वहां के अनुभव को बताया एवं उन्होंने बताया कि श्री सपना मनीष गोधा दंपति को देख लगा की धर्मनिष्ठ राजा खारवेल का पुनर्जन्म हो चुका है।


श्री प्रदीप सोनी बताते हैं कि मनीष सपना गोधा जो जैन समाज में अब चर्चित नाम है पहले अद्वितीय पंच कल्याणक ओर अब पट्टाचार्य महोत्सव दोनों एक से बढ़ कर एक धर्म वत्सल गोधा ने सुमति धाम बनाया।

एक साधारण परिवार में जन्मे एक पुश्तैनी जमीन जिसपर उनका परिवार खेती करता था और मल्हारगंज इंदौर में एक चद्दर पोश मकान में रहते थे। उनका विवाह सपना गोधा से हुआ उनके दो पुत्रियां एक बेटा जो सब अब दादी की सेवा करते हैं।


सोनी का कहना है कि पूर्व जन्म के शुभ फल से आज पूरे भारत के जैन समाज की महान हस्ती भामाशाह बन गए। पट्टाचार्य महोत्सव कार्यक्रम की तैयारी पिछले काफी समय से चल रही थी जिसमें पति पत्नी दोनों मिलकर पूरी रूपरेखा तैयार कर रहे थे बढ़िया से बढ़िया करने की इच्छा मन में थी और उससे बढ़ कर किया। हर आने वाले भक्तों को पूर्ण सम्मान दिया। उन्होंने कहा की खुद ही पूछते कहीं कोई दिक्कत हो तो बताए। में स्वयं भी कार्यालय में गया तो सपना जी ने कहा बोलिए कोई काम हो तो नमस्कार कर खड़ी हो गई। मेने कहा सिर्फ आपके दर्शन करने की इच्छा थी । दोनों दिनभर व्यवस्थाओं को देखते कोई कमी हो तो पूरी करवाते। सुबह से रात 11/12 बजे तक एक से बढ़ कर एक भव्य निर्विघ्न संपन्न हुए।

 

सभी आचार्यों ,मुनि महाराज का आशीर्वाद मिला। सुनने में आता हे कि सपना जी को कोई व्याधि है पर उनको देखकर ऐसा नहीं लगा। देशना मंडप, गुरु भक्ति मंडप ,सांस्कृतिक ओर लेजर शो मंडप , तीन चार बड़ी बड़ी भोजन शाला, चाय काफी नाश्ता मंडप , शोद के भोजन शाला, 360 के लगभग पूर्ण सुविधा वाले चौके, विश्राम स्थल ओर भी कई सुविधाएं।
आज के समय में जब एक दो साधु आ जाए तो चौके लगाने की दिक्कत होती हे परंतु सुमति धाम में 360 चौकों में आहार देने वालों का ताता लगा रहता था।

 

 

अदभुत अकल्पनीय व्यवस्था जिसमें पूरे देश विदेश के भक्तों ने पूर्ण सम्मान से आनंद लिया।


धन्य है मनीष सपना गोधा मैं उनकी अनंत अनुमोदना करता हूं अनंत जन्मों का पुण्य उदय में आता है तब यह संभव हो पाता दो साधु आ जाए तो चौके लगाने की दिक्कत होती है लेकिन 360 चौकों में आहार देने वालों का ताता लगा रहता था।
ऐसे अविस्मरणीय पल में कभी नहीं भूल पाऊंगा।

 

श्री प्रदीप सोनी से प्राप्त अभिव्यक्ति के साथ
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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