लोहड़ी पर्व धूमधाम से मनाया गया धामनोद में*
धामनोद/
/मंगलवार रात्रि गुरुद्वारे के बाहर लोहड़ी का पर्व स्थानीय सिक और सिंधी समाज जन धूमधाम और हरसोलस के साथ मनाया गया लकड़ी का ढेर बनाकर अग्नि प्रचलित कर लोहड़ी जलाने के पूर्व अरदास की गई अरदास ज्ञानी दलजीत सिंह ने की अरदास के बाद अग्नि परमजीत कर सभी समाज जन तेल चैन रेवाड़ी मकई के दाने मूंगफली लोहड़ी की अग्नि में डालकर अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी और कहा जिन ने मेरे दिल सादे उतने मेरे पाप झाडे आसपास परिक्रमा कर लोहड़ी पर्व की एक दूसरे को बधाई दी
बाद में ढोल धमाकों पर खूब नजदान किया बोलिया गाकर सबको नचाया सब ने एक दूसरे को बधाई दी और बाद में प्रसाद वित्त किया इस दौरान कई वरिष्ठ समाज जैन सहित संकट मौजूद थी उल्लेखनीय की लोहड़ी का त्योहार बहुत महत्व रखता है लोहड़ी को नहीं फसल के स्वागत का पर्व भी माना जाता है इस समय गेहूं की फसल खेतों में लाने लगती है किसान अपनी मेहनत का शुक्रिया अदा करने के लिए अग्नि देव की पूजा करते हैं पंजाब हरियाणा मध्य प्रदेश आदि प्रदेशों में धूमधाम रहती है
