जैनत्व की पहचान रहा एक विवाह समारोह
दिन में शादी दिन में भोज को चरितार्थ किया
रामगंजमडी

हम सभी जानते है आज हर कोई चकाचोंध में फसता जा रहा है। दिखावे में अपने आचरण धर्म संस्कृति को धूमिल सा कर दिया ऐसे में एक विवाह समारोह हाल में 12 dec 2021 mishteen रिसोर्ट में सम्पन्न हुआ जो भोतिकता को परे रहते हुए हुआ जी हां यह विवाह था भामाशाह श्रेष्टि रामगंजमडी निवासी सुरेश कुमार , श्रीमति रेखा बाबरिया की धर्मनिष्ट आयुष्मती पुत्री प्राची बाबरिया व कोटा निवासी चिरंजीवी अंकित गोधा का इस विवाह में पूर्णतया जैनत्व परिलक्षित था। इस विवाह में कही से कही तक बफर का काम नही था, न रात में कोई भोजन,न किसी प्रकार के जमींकन्द का प्रयोग था। बस यह विवाह दिन में शादी दिन में भोज जैन धर्म का यह उदघोष को साक्षात परिलक्षित करता हुआ चारितार्थ हुआ।
आपको बता दे रामगंजमडी निवासी मेवाड़ प्रांत के भामाशाह श्रीमान सुरेश कुमार बाबरिया द्वारा सभी तीनों बच्चों का विवाह सात्विक तरीके से सम्पन्न किया। जिसमें उनकी पहले पुत्री प्रीति की शादी भी इसी तर्ज पर की जो 2017 में रामगंजमडी में ही सम्पन्न हुई। जो वही उनके पुत्र सिद्धार्थ बाबरिया की शादी जो सभी के लिए मिसाल है हाल ही में उनका चक्रवती विवाह 21 nov 2021 को तपोदय तीर्थ बिजोलिया में संपन्न हुआ।
Y
जो समस्त समाचार पत्रों व न्यूज़ पोर्टल पर सुर्खियों में रहा। इन तीनो विवाह समारोह में इन्होंने अतिथि सत्कार किया वह पुरातन परम्परा को पुनर्जीवित करता है। जो आज के आधुनिक परिवेश में कही खो गयी है।
यह परिवार अपने आप मे धर्ममय है जिसका उदाहरण सबके सामने है। 13 dec 2021 को अपनी पुत्री का विवाह सम्पन्न किया और 15 dec से चंद्रोदय तीर्थ चाँदखेड़ी में पँचकल्याण महोत्सव में सम्मलित हुए। व नव युगल सिद्धार्थ पूजा बाबरिया ने पँचकल्याण में राजा श्रेयांस व श्रीमती रानी बनकर अपनी सहभागिता दी वहीं श्रीमान सुरेश कुमार श्रीमति रेखा बाबरिया ने विधिनायक के रूप में अपनी सहभगिता दी। संसार मे रहते हुए भी धर्म के प्रति इतनी सजगता में यह परिवार एक मिसाल है। ऐसा परिवार व श्रेष्टि जन बिरले ही होते है।
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
