एक को बचाने के लिए चैंबर में उतरे 3 लोग, फिर चारों की दर्दनाक मौत! उज्जैन के रेस्टोरेंट में जहरीली गैस से मचा हड़कंप
उज्जैन में दिल दहला देने वाला हादसा: फूड वेस्ट टैंक में फंसे कर्मचारी को बचाने पहुंचे तीन अन्य भी नहीं लौटे जिंदा, डेढ़ घंटे तक चला रेस्क्यू; गेट काटकर निकाले गए शव, CM मोहन यादव ने किया 16 लाख रुपये की सहायता का ऐलान
उज्जैन।
मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। देवास रोड स्थित श्री गंगा रेस्टोरेंट में एक कर्मचारी को बचाने की कोशिश चार लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ गई। फूड वेस्ट टैंक के चैंबर में उतरा एक कर्मचारी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। उसे बचाने के लिए तीन अन्य कर्मचारी भी अंदर उतर गए, लेकिन जहरीली गैस ने चारों की जान ले ली।
शनिवार रात हुए इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। चैंबर का गेट नहीं खुलने पर कटर मशीन से उसे काटना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों कर्मचारियों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

एक को बचाने की कोशिश में गई चार जिंदगियां
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 10:30 बजे रेस्टोरेंट के फूड वेस्ट टैंक में जाम होने के कारण सफाई का काम किया जा रहा था। इसी दौरान एक कर्मचारी चैंबर के अंदर फंस गया। उसे बचाने के लिए तीन अन्य कर्मचारी भी एक के बाद एक चैंबर में उतरते चले गए।
किसी को अंदाजा नहीं था कि अंदर जहरीली गैस मौत बनकर मौजूद है। देखते ही देखते चारों इसकी चपेट में आ गए और बाहर नहीं निकल सके।
गेट काटकर निकाले गए चारों, सीपीआर भी नहीं आय
घटना की सूचना मिलते ही माधव नगर पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।



चैंबर का गेट नहीं खुलने पर कटर मशीन से उसे काटा गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
कौन थे हादसे में जान गंवाने वाले चारों कर्मचारी?
इस दर्दनाक हादसे में कमलेश और नितिन निवासी वाल्मीकि नगर, वाहिद निवासी सोमवारिया और मनोज निवासी झालावाड़ की मौत हुई है। चारों के शव जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।


### क्या सुरक्षा के बिना चैंबर में उतारे गए कर्मचारी?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या कर्मचारियों को टैंक में उतारने से पहले सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे?
रविवार सुबह फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि चैंबर में उतरने से पहले जहरीली गैस की जांच हुई थी या नहीं और कर्मचारियों को ऑक्सीजन मास्क, सुरक्षा बेल्ट सहित जरूरी उपकरण दिए गए थे या नहीं।
रेस्टोरेंट प्रबंधन की भूमिका और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है।
### रेस्क्यू के दौरान दो पुलिसकर्मियों समेत तीन घायल
बचाव अभियान के दौरान एसआई धर्मेंद्र सिंह तोमर, आरक्षक संतोष और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी है। वहीं, सफाईकर्मी हेमराज समय रहते चैंबर से बाहर निकल आया था।
### CM मोहन यादव ने किया 16 लाख रुपये की सहायता का ऐलान
उज्जैन की इस घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री ने राज्य शासन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। इस तरह चारों मृतकों के परिजनों को कुल 16 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिवारों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
