दिसम्बर की उन तारीखों का इंतज़ार, जो जीवनभर याद रहेंगी!
इंदौर
इंदौर का सुमतिधाम एक बार फिर चर्चाओं में है। चर्चाएँ उन चक्रवर्ती परिवार सपना मनीष गोधा की भी हैं, जो समूचे इंदौर में चक्रवर्ती की तरह रहते हुए अनेक धार्मिक आयोजनों में अपना सहयोग समर्पित कर धर्मप्रभावना का बेजोड़ उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
यही वह पुण्यभूमि सुमतिधाम है, जहाँ पूर्व में पट्टाचार्य महोत्सव के दौरान लाखों लोगों का जनसमुद्र उमड़ा था। उस आयोजन ने इतिहास के पन्नों पर ऐसी अमिट छाप छोड़ी कि उसकी धर्मप्रभावना की गूँज आज भी अनुभव की जा सकती है। अब उसी पावन प्रांगण में एक बार फिर ऐसे भव्य आयोजन की तैयारी है, जो सुमतिधाम को विश्व के धार्मिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की सामर्थ्य रखता है।
मैं बीते 49 वर्षों से जिस दिसम्बर की प्रतीक्षा कर रहा था, वही दिसम्बर मुझे इतनी खुशियाँ देगा, इसकी कल्पना भी नहीं की थी! विद्वानों और मनीषियों द्वारा निर्धारित तिथियों में होने जा रहा यह भव्यातिभव्य आयोजन मेरे लिए केवल एक समारोह नहीं, बल्कि भावनाओं, आस्था और आनंद का अनुपम संगम है। सच कहूँ तो दिसम्बर की वे तारीखें अब मेरे लिए कैलेंडर की तारीखें नहीं, बल्कि जीवन की सबसे खूबसूरत स्मृतियाँ बनने जा रही हैं।।


मैं सुमतिधाम के उस पुण्यशाली प्रांगण की अनुमोदना करता हूँ, जिसकी धरा ऐसे मंगल आयोजनों की साक्षी बनती है। साथ ही उन चक्रवर्ती परिवार सपना मनीष गोधा के पुण्य की भी हृदय से अनुमोदना करता हूँ, जो अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग वीतरागता के संस्कारों और धर्मप्रभावना के विस्तार में करते हैं। धन तो बहुतों के पास होता है, लेकिन धन को धर्म के चरणों में समर्पित करने का सौभाग्य विरलों को मिलता है।


आयोजन की भव्यता की कल्पना, गुरुवरों के सान्निध्य की अनुभूति और सभी के सहयोग व उपस्थिति का विचार ही मन को प्रफुल्लित कर रहा है। बस, यही मंगल भावना है कि गुरुजनों का आशीर्वाद बना रहे, आयोजन निर्विघ्न सम्पन्न हो और इसकी धर्मप्रभावना देश-विदेश तक पहुँचे।


कुछ तारीखें कैलेंडर में आती हैं, कुछ इतिहास में दर्ज होती हैं और कुछ तारीखें भक्त के हृदय में हमेशा के लिए बस जाती हैं।

इस दिसम्बर की प्रतीक्षा भी कुछ ऐसी ही है!
🙏 गुरुवरों के श्रीचरणों में मंगल वंदन एवं आयोजन की भावी सफलता की हार्दिक अनुमोदना।
#श्रीश_ललितपुर
