शरद पूर्णिमा पर तीन महान विभूतियों का अवतरण दिवस, गुरु भक्ति में झूमे श्रद्धालु

धर्म

शरद पूर्णिमा पर तीन महान विभूतियों का अवतरण दिवस, गुरु भक्ति में झूमे श्रद्धालु

आचार्य विद्यासागर जी, आचार्य समयसागर जी और आर्यिका ज्ञानमति माताजी के जीवन आदर्शों को किया नमन

आर्यिका सिद्धश्री माताजी के सान्निध्य में हुए धार्मिक आयोजन, ‘प्रभा की कोख से प्रभु की गोद तक’ नाटक ने मोहा मन

 

कलिंजरा।

स्नेह, वात्सल्य और ज्ञान की त्रिवेणी कही जाने वाली तीन महान विभूतियों के अवतरण दिवस पर सोमवार को शरद पूर्णिमा के अवसर पर कलिंजरा का संत भवन परिसर गुरु भक्ति से सराबोर हो गया। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समयसागर जी महाराज एवं आर्यिका श्री ज्ञानमति माताजी का अवतरण दिवस आर्यिका सिद्धश्री माताजी के सान्निध्य में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भक्ति गीतों, वाद्य यंत्रों की मधुर स्वर लहरियों और जयकारों के बीच श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। अवतरण दिवस का प्रसंग आते ही श्रावक-श्राविकाएं भक्ति में झूमने लगे।

सुबह भगवान के अभिषेक, पूजन और आराधना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद भक्ति संगीत और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने तीनों महान विभूतियों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पूरे पांडाल में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। आर्यिका सिद्धश्री माताजी ने धर्मसभा में कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समयसागर जी महाराज एवं आर्यिका श्री ज्ञानमति माताजी जैसी विभूतियां समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन त्याग, तप, संयम, ज्ञान और करुणा के आदर्शों की प्रेरणा देता है। ऐसी महान विभूतियों के अवतरण दिवस पर उनके गुणों का स्मरण करने के साथ उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लेना चाहिए।

रात्रि में ‘प्रभा की कोख से प्रभु की गोद तक’ रंगारंग नाटक का मंचन किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। धार्मिक भावनाओं और प्रभावशाली मंचन के बीच दर्शक कार्यक्रम से जुड़े रहे।

 

समाज अध्यक्ष रतनपाल दोसी एवं नवयुवक मंडल अध्यक्ष सुनील शाह ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समाजजनों, युवाओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *