ऊँचाई पाने के लिए बाज बनिए, धोखेबाज नहीं– आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज*
नेमी नगर जैन कॉलोनी, इंदौर।
जीवन में वास्तविक ऊँचाइयाँ छल-कपट और धोखे से नहीं, बल्कि अपने गुणों, अच्छाइयों और निर्मल स्वभाव से प्राप्त होती हैं। व्यक्ति को दूसरों को पीछे खींचने या धोखा देकर आगे बढ़ने के बजाय स्वयं के भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। अपने व्यक्तित्व को स्वर्ण के समान गुणों से समृद्ध बनाइए, ताकि आपकी अच्छाइयाँ ही आपकी पहचान बनें।
व्यक्ति का निर्मल स्वभाव, उदारता, धैर्य और गंभीरता इस स्तर की होनी चाहिए कि उसे जीवन में ऊँचाइयाँ प्राप्त करने के लिए किसी अनुचित मार्ग का सहारा न लेना पड़े। जब व्यक्ति अपने आचरण और गुणों को श्रेष्ठ बनाता है, तब सफलता और सम्मान स्वतः उसके जीवन का हिस्सा बनने लगते हैं। धोखा देकर प्राप्त की गई उपलब्धियाँ अधिक समय तक टिक नहीं पातीं, जबकि सद्गुणों और ईमानदारी से अर्जित प्रतिष्ठा लंबे समय तक बनी रहती है।
अतः जीवन में आगे बढ़ने की चाह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को दूसरों को गिराने के बजाय स्वयं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि वास्तविक ऊँचाई पद से नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के गुणों और आचरण की श्रेष्ठता से निर्धारित होती है।
माही जैन धीरावत पीपलखूंट प्रतापगढ़ से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312






