धामनोद में कचरे का संकट: दीपावली पर सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच नागरिक परेशान

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धामनोद में कचरे का संकट: दीपावली पर सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच नागरिक परेशान

 

पाँच-पाँच और छह-छह दिनों तक नहीं पहुँच रही कचरा गाड़ी, नगर परिषद की व्यवस्था पर नागरिकों ने उठाए सवाल

 

धामनोद। देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य देश को स्वच्छ और साफ-सुथरा बनाना है, लेकिन धामनोद नगर में कचरा उठाने की व्यवस्था को लेकर नागरिकों की परेशानियाँ सामने आ रही हैं। दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पर जब हर घर में साफ-सफाई की जा रही है, तब नगर में कचरा गाड़ियों के नियमित संचालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

नागरिकों का कहना है कि नगर में कचरा गाड़ी प्रतिदिन नहीं पहुँच रही है। कई स्थानों पर पाँच-पाँच और छह-छह दिनों तक कचरा गाड़ी का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में घरों में जमा कचरे को कहाँ रखा जाए, यह लोगों के सामने बड़ी समस्या बन गई है। समय पर कचरा नहीं उठने से गंदगी बढ़ने और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।

स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य और जमीनी व्यवस्था के बीच सवाल

 

एक ओर नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने और अपने आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की जाती है, वहीं दूसरी ओर यदि कचरा गाड़ियों का नियमित संचालन नहीं होता है, तो लोगों के सामने परेशानी खड़ी होना स्वाभाविक है। ऐसे में नगर परिषद की जिम्मेदारी है कि वह व्यवस्था की समीक्षा करे और कचरा संग्रहण का नियमित संचालन सुनिश्चित करे।

 

नगर परिषद के सीएमओ और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल है कि जब दीपावली पर सफाई की आवश्यकता सबसे अधिक है, तो कचरा उठाने की व्यवस्था नियमित क्यों नहीं है? क्या नगर परिषद ने त्योहार को देखते हुए विशेष सफाई अभियान और अतिरिक्त कचरा संग्रहण की कोई व्यवस्था की है?

 

जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

 

इस संबंध में विधायक प्रतिनिधि निलेश माहेश्वरी ने जिला कलेक्टर, एसडीएम, नायब तहसीलदार, पुलिस प्रशासन एवं नगर परिषद से जनहित में अपील की है कि धामनोद में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। सभी वार्डों में कचरा गाड़ियों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए और जहाँ कचरा जमा है, वहाँ तत्काल सफाई कराई जाए।

 

उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छता के लिए जागरूक करना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही नगर की सफाई व्यवस्था को सुचारु रखना भी प्रशासन और नगर परिषद की जिम्मेदारी है। दीपावली के दौरान नागरिकों को गंदगी और कचरे की समस्या से राहत मिलनी चाहिए।

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब हर घर में दीपावली की सफाई हो रही है, तो नगर की सफाई व्यवस्था नियमित क्यों नहीं है? नगरवासियों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान करेंगे।

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