# रामगंजमंडी में महज 60 सेकंड में खाक हुआ 51 फीट का रावण, आतिशबाजी से गूंज उठा साबू क्रीड़ांगन
**शोभायात्रा में सजी राम दरबार की भव्य झांकी बनी आकर्षण, कुंभकर्ण 30 और मेघनाद 35 सेकंड में जले; विजयादशमी पर उमड़ा हजारों लोगों का सैलाब**
**रामगंजमंडी।**

असत्य पर सत्य की विजय, अधर्म पर धर्म की जीत और बुराई पर अच्छाई के प्रतीक विजयादशमी पर्व पर रामगंजमंडी में उत्साह और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिला। साबू क्रीड़ांगन में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन महज 60 सेकंड में हो गया। कुछ ही पलों में दशानन का सिर, हाथ और धड़ आग की लपटों के बीच धराशायी हो गए। पिछले वर्ष रावण के पुतले को जलने में करीब ढाई मिनट लगे थे, जबकि इस बार वह महज एक मिनट में खाक हो गया। इस रोमांचक दृश्य के दौरान मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने साबू क्रीड़ांगन पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पर्व को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। मेले में उमड़ी भीड़ और आतिशबाजी के नजारे ने विजयादशमी के उल्लास को और खास बना दिया।


### राम दरबार की झांकी के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
विजयादशमी के अवसर पर शाम को स्टेशन चौराहा स्थित रामलीला स्थल से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमानजी की मनोहारी झांकी आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धा और उत्साह के माहौल में निकली शोभायात्रा साबू क्रीड़ांगन पहुंची, जहां भगवान श्रीराम और रावण के बीच संवाद के बाद दहन की तैयारियां पूरी की गईं।


### डेढ़ घंटे तक आतिशबाजी, आसमान में बिखरी रंगीन रोशनी
साबू क्रीड़ांगन में करीब डेढ़ घंटे तक हुई आतिशबाजी ने दर्शकों का मन मोह लिया। आसमान में बिखरती रंग-बिरंगी रोशनी और पटाखों की गूंज के बीच पूरा मैदान उत्सवी माहौल में डूबा रहा। आतिशबाजी देखने के लिए लोग मैदान में डटे रहे। इसके बाद रात करीब साढ़े आठ बजे रावण दहन का क्रम शुरू हुआ।


### कुंभकर्ण 30, मेघनाद 35 और रावण 60 सेकंड में धराशायी
दहन के दौरान सबसे पहले कुंभकर्ण का पुतला जलाया गया, जो महज 30 सेकंड में जल गया। इसके बाद मेघनाद का पुतला 35 सेकंड में धराशायी हो गया। अंत में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन शुरू हुआ। आग लगते ही कुछ ही पलों में उसका सिर, हाथ और धड़ नीचे गिरने लगे और देखते ही देखते पूरा पुतला 60 सेकंड में खाक हो गया। रावण दहन का यह दृश्य लोगों के लिए कार्यक्रम का सबसे रोमांचक क्षण रहा।
रावण का पुतला करीब 1 लाख 70 हजार रुपये की लागत से तैयार किया गया था, जिसे क्रेन की सहायता से खड़ा किया गया था।
### सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगरपालिका अध्यक्ष नरेंद्र काला ने विजयादशमी को सत्य की जीत का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि दशहरा हमें बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने शहरवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष महेंद्र सामरिया ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अखिलेश मेड़तवाल, अधिशासी अधिकारी दीपक नागर, पार्षद लोकेश पावेचा, शैतान गुर्जर, हर्षित सरसिया, कार्तिक राठौर सहित अनेक पार्षद एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन स्कूल शिक्षा परिवार के नरेश शर्मा ने किया।
**पल-पल का हिसाब**
– कुंभकर्ण दहन — 30 सेकंड
– मेघनाद दहन — 35 सेकंड
– 51 फीट रावण दहन — 60 सेकंड
– रावण निर्माण की लागत — करीब 1 लाख 70 हजार रुपये
– पिछले वर्ष रावण दहन में लगा समय — करीब ढाई मिनट
रामगंजमंडी में विजयादशमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और उत्सवी उल्लास का संगम बना। रावण दहन के साथ लोगों ने बुराइयों को त्यागने और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश ग्रहण किया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
