हर मास एक उपवास से स्वस्थ जीवन के साथ बचेगा अन्न, बनेगा निरोगी समाज

धर्म

हर मास एक उपवास से स्वस्थ जीवन के साथ बचेगा अन्न, बनेगा निरोगी समाज
पुष्पगिरी में 11वें सामूहिक उपवास महाअभियान का आयोजन — मीनाक्षी जोशी, रमेश भाई ओझा और अंतर्मना प्रसन्न सागर ने दिया संयमित जीवन का संदेश
सोनकच्छ।

देश की 140 करोड़ आबादी यदि महीने में एक दिन सामूहिक उपवास का संकल्प ले, तो बड़ी मात्रा में अन्न की बचत हो सकती है और इस अन्न से जरूरतमंदों एवं भूखों का पेट भरा जा सकता है। महीने में एक दिन शरीर को भी विश्राम देना जरूरी है। जीवन में आनंदमय बनाने के दो उपाय है भजन ओर भोजन  भजन से मन प्रसन्न होगा ओर भोजन हमे कितना कब कैसे लेना है इसका संतुलन ही योग है ‘ हर मास एक उपवास’ केवल उपवास नहीं, बल्कि स्वस्थ, निरोगी और संस्कारित समाज निर्माण का अभियान है। यह बात इंडिया टीवी की एंकर मीनाक्षी जोशी ने पुष्पगिरी तीर्थ पर आयोजित 11वें सामूहिक उपवास महाअभियान में कही।

 

 

अंतर्मना धार्मिक एवं पारमार्थिक न्यास तथा पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मीनाक्षी जोशी ने भगवतगीता के माध्यम से उपवास के आध्यात्मिक और स्वास्थ्य लाभ बताए। उन्होंने कहा कि उपवास शरीर को आराम देने के साथ मन और जीवनशैली में अनुशासन लाने का माध्यम है।
उपवास आयोजन नहीं, अभियान है : रमेश भाई ओझा
संत एवं भागवताचार्य श्री रमेश भाई ओझा ने कहा कि ‘हर मास एक उपवास’ सुखी, निरोगी और स्वस्थ समाज बनाने का मंत्र है। शास्त्रों में अन्न को औषधि कहा गया है। औषधि निश्चित मात्रा और सही समय पर ली जाए तो आरोग्यता देती है, लेकिन आवश्यकता से अधिक भोजन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अधिक भोजन रोग को नहीं बल्कि रोगी को मिटा देती है।

 

 

उन्होंने कहा कि आज हमारी दिनचर्या अनियमित हो गई है। सोने और खाने का समय निश्चित नहीं है। ऐसी स्थिति में हर मास एक उपवास जीवन में अनुशासन लाने का सरल उपाय है। हर मास एक उपवास कोई आयोजन नहीं, बल्कि अभियान है। साधना को साधने के लिए शरीर को साधना जरूरी है। उपवास संयमित जीवन जीने की कला सिखाता है।
रमेश भाई ओझा ने पुष्पगिरी की साधना भूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘पुष्प’ कोमलता और ‘गिरी’ पर्वत की कठोरता का प्रतीक है। पुष्पगिरी पर कोमलता और कठोर तप दोनों का अद्भुत संगम दिखाई देता है। उन्होंने अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज की तप-साधना की सराहना करते हुए कहा कि वे उपवास के माध्यम से सनातन और श्रमण जैन परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

 

 

इंद्रियों पर नियंत्रण के लिए उपवास जरूरी : पुष्पदंत सागर
गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज ने कहा कि शरीर की इंद्रियों को वश में करना है तो हर महीने उपवास जरूरी है। एक उपवास व्यक्ति को स्वस्थ बनाने के साथ जीवन को संयमित भी करता है।

 

 

शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी : अंतर्मना प्रसन्न सागर
अभियान के सूत्रधार पट्ट विभूषण अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ने कहा कि आज माता-पिता बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंतित हैं, लेकिन संस्कारों को लेकर उतने चिंतित नहीं हैं। शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कारों के लिए धर्म जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पुष्पगिरी से उपवास के संकल्प के साथ यह भी संकल्प लेकर जाए कि जब भी घर से मंदिर जाए तो नंगे पैर चलकर जाए। उन्होंने कहा कि “एक बार खाए वह योगी, दो बार खाए वह भोगी, तीन बार खाए वह रोगी और बार-बार खाए उसकी मृत्यु जल्दी होगी।”
उन्होंने परिवार की निरोगता और देश की खुशहाली के लिए हर मास एक उपवास का संकल्प लेने का आह्वान किया।

 

 

15 करोड़ से अधिक लोग जुड़े : तिजारावाला
पतंजलि प्रवक्ता एस.के. प्रदीप जी तिजारावाला ने बताया कि यह ‘हर मास एक उपवास’ का 11वां सामूहिक उपवास आयोजन है। अभियान से विश्व के 200 देशों के लोग लगातार जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 11 महीनों में 15 करोड़ से अधिक लोग अभियान से जुड़ चुके हैं और इसे शीघ्र ही विश्वव्यापी अभियान बनाने का प्रयास जारी है।

 

 

दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
अंतर्मना संघ प्रवक्ता रोमिल जैन ने बताया कि गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंगलाचरण मुनि नेगम सागर जी महाराज एवं दिशी जैन ने किया। अतिथियों ने श्रीफल भेंट कर गुरुदेव का आशीर्वाद लिया। पुष्पगिरी परिवार की ओर से मीनाक्षी जोशी एवं रमेश भाई ओझा का सम्मान किया गया। आचार्य प्रसन्न सागर जी माता जी शोभा देवी ने संपादक जोशी का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया। सभी ने ‘हर मास एक उपवास’ अभियान की तख्तियां प्रदर्शित कर अभियान की प्रभावना की।

 

 

कार्यक्रम में पुष्पगिरी सचिव सुभाष जैन,  पतंजलि प्रवक्ता एस के तिजारावाला, नरेंद्र परिहार,  श्री अजय खुल्लर,  अंतर्मना ट्रस्ट अध्यक्ष शांतिलाल बेलावत, प्रदीप जी कानपुर, कार्याध्यक्ष अशोक डोसी, समन्वयक आकाश जैन, विकल्प, राकेश, संकल्प सेठी सहित पतंजलि परिवार एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संचालन मुनि पीयूष सागर जी महाराज ने किया आभार तीर्थ सचिव ने माना। ऐसी जानकारी

 

प्रचार प्रसार संयोजक रोमिल पाटणी सोनकच्छ नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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