संस्कारों की विरासत छोड़ गए कंवरलाल पाटनी, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और सतीश पूनिया ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन, आचार्य विहर्ष सागर महाराज बोले—संयम और नियम से मृत्यु को भी महोत्सव बना दिया
किशनगढ़। प्रसिद्ध उद्योगपति, भामाशाह एवं समाजसेवी श्री कंवरलाल पाटनी के निधन से किशनगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में शोक की लहर है। 97 वर्ष की आयु में शनिवार रात्रि उनके निधन के बाद सोमवार को आरके कम्युनिटी सेंटर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक एवं उद्योग जगत से जुड़े लोगों सहित बड़ी संख्या में शहरवासियों और समाजजनों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी एवं राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश पूनिया सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर श्री कंवरलाल पाटनी के चित्र के समक्ष श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और पाटनी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सभा में उद्योगपति एवं समाजसेवी अशोक पाटनी, विमल पाटनी एवं सुरेश पाटनी के पिता श्री कंवरलाल पाटनी के सामाजिक जीवन, सेवा कार्यों, उद्योग जगत में योगदान तथा समाज के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि उन्होंने समाजसेवा, परोपकार, सहयोग और जनकल्याण को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। मार्बल उद्योग के साथ सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में पाटनी परिवार के योगदान को भी स्मरण किया गया।
संस्कारों से समाज को सींचा : देवनानी
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि कंवरलाल पाटनी ने अपने संस्कारों से केवल अपने परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को सींचने का कार्य किया। उनका व्यक्तित्व और उनके सेवा कार्य आमजन के दिलों में हमेशा स्मरणीय रहेंगे। उन्होंने पाटनी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पीछे छोड़ गए संस्कारों की विरासत : सतीश पूनिया
राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश पूनिया ने कहा कि श्री कंवरलाल पाटनी अपने पीछे संस्कारों की ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। उन्होंने पाटनी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
संयम और नियम से मृत्यु को भी महोत्सव बना दिया : आचार्य विहर्ष सागर
श्रद्धांजलि सभा के दौरान आचार्य श्री 108 विहर्ष सागर महाराज ने श्री कंवरलाल पाटनी के जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने संयम और नियम के माध्यम से अपने कृतित्व की ऐसी सुगंध बिखेरी कि अपनी मृत्यु को भी महोत्सव बना दिया। उन्होंने कहा कि कंवरलाल पाटनी का योगदान केवल जैन समाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न समाजों के लोग उन्हें लंबे समय तक स्मरण करते रहेंगे।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, पूर्व मंत्री शांति धारीवाल, भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी, अनिता भदेल, विधायक विकास चौधरी, पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया, पूर्व विधायक सुरेश टांक, नाथूराम सिनोदिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
सभा में उपस्थित लोगों ने दिवंगत श्री कंवरलाल पाटनी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा में उनके व्यक्तित्व, सरल व्यवहार, सामाजिक सरोकारों और सेवा भावना की स्मृतियां साझा की गईं।
अभिषेक जैन लुहाड़िया
रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312



