त्याग धर्म के संदेश से गूंजा चंद्रप्रभु जिनालय, बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
विचित्र वेशभूषा में सजे नन्हे कलाकारों ने निभाए धार्मिक पात्रों के स्वरूप, भगवान पार्श्वनाथ के उपसर्ग और रात्रि भोजन त्याग पर प्रस्तुत की प्रेरक नाटिकाएं
बिजौलियां खुर्द।
दशलक्षण पर्व के अंतर्गत उत्तम त्याग धर्म के अवसर पर श्री 1008 दिगंबर चंद्रप्रभु जिनालय में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धर्म, संस्कार और त्याग की भावना से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विचित्र वेशभूषा प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक पात्रों का स्वरूप धारण कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बालक महावीर, धनराज सेठ, राजा श्रीपाल एवं भरत चक्रवर्ती के स्वरूप में सजे बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के दौरान भगवान पार्श्वनाथ पर कमठ द्वारा किए गए उपसर्ग पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की गई। नन्हे कलाकारों ने भगवान पार्श्वनाथ के धैर्य, तप, सहनशीलता और क्षमाभाव का प्रभावी चित्रण किया। प्रस्तुति के दौरान जिनालय का वातावरण भक्ति और भावनाओं से भर उठा। श्रद्धालुओं ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
वहीं रात्रि भोजन त्याग के महत्व को लेकर भी बच्चों ने प्रेरणादायी नाटिका प्रस्तुत की। नाटिका के माध्यम से संयमित जीवन, धार्मिक आचरण और त्याग की भावना का संदेश दिया गया। बच्चों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म के प्रति जागरूक होने और जीवन में संयम अपनाने की प्रेरणा दी।
कल निकलेगी श्रीजी की भव्य शोभायात्रा
दशलक्षण पर्व के समापन अवसर पर कल श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। भक्ति गीतों, जयकारों और धार्मिक उल्लास के बीच श्रीजी की शोभायात्रा निकलेगी। आयोजन को लेकर समाजजनों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।
— अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी की रिपोर्ट
मो. 9929747312








