*गणेश जी के अंगों में छिपे आध्यात्मिक रहस्य को जीवन में धारण कर बनें विघ्न-विनाशक — ब्रह्माकुमारी शीतल दीदी*
रामगंज मंडी।
गणेश उत्सव के पांचवें दिन विनायक कला मंडल द्वारा आयोजित गणेश उत्सव कार्यक्रम में ब्रह्मा कुमारी सेवा केंद्र, रामगंज मंडी द्वारा आध्यात्मिक संदेश से ओतप्रोत एक सुंदर नृत्य-नाटिका एवं झांकी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में बच्चों ने गणेश जी के विभिन्न अंगों के आध्यात्मिक रहस्य को नृत्य, अभिनय एवं संवाद के माध्यम से अत्यंत सुंदर और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
नृत्य-नाटिका के माध्यम से बताया गया कि गणेश उत्सव केवल कुछ दिनों तक गणेश जी की पूजा-अर्चना और भोग लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गणेश जी के प्रत्येक अंग में निहित आध्यात्मिक संदेश को समझकर उसे अपने जीवन में धारण करना ही उत्सव की सार्थकता है। बुद्धि, विवेक, एकाग्रता, सहनशीलता, सुनने की शक्ति तथा परिस्थितियों पर विजय पाने जैसे गुणों को जीवन में अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को विघ्न-विनाशक बना सकता है।


कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सुंदर सांस्कृतिक नृत्य ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। नृत्य-नाटिका में सृष्टि, एंजल, नंदनी, पूजा, शीली, दक्ष, मंथन, कल्पना एवं मेघा ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की सुंदर प्रस्तुति, भावपूर्ण अभिनय एवं सांस्कृतिक नृत्य को देखकर उपस्थित सभी दर्शक आकर्षित हुए और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर ब्रह्मा कुमारी शीतल दीदी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि गणेश जी को विघ्न-विनाशक कहा जाता है। वास्तव में उनके स्वरूप में अनेक गहरे आध्यात्मिक संदेश समाए हुए हैं। यदि हम उन गुणों को अपने जीवन में धारण करें, तो हम भी अपने जीवन के विघ्नों को समाप्त करने वाले बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा उत्सव वही है, जिसमें हम केवल बाहरी रूप से उत्सव न मनाकर उसके आध्यात्मिक रहस्य को समझें और उसे अपने जीवन में उतारें।
कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों का स्वागत एवं उत्साहवर्धन किया गया। बच्चों की मेहनत और सहयोग से तैयार की गई सुंदर झांकी एवं नृत्य-नाटिका ने गणेश उत्सव को एक नई आध्यात्मिक दिशा प्रदान की। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रस्तुति के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ जीवन को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा भी प्राप्त हुई।
विनायक कला मंडल के गणेश उत्सव कार्यक्रम में ब्रह्मा कुमारी सेवा केंद्र की इस सुंदर प्रस्तुति ने सभी के मन को आकर्षित किया और गणेश उत्सव के वास्तविक आध्यात्मिक उद्देश्य—गुणों को जीवन में धारण कर स्वयं को विघ्न-विनाशक बनाने—का सुंदर संदेश दिया।






