रामगंजमंडी को मिलेगा नया पालिकाध्यक्ष, 21 सितंबर को पार्षद करेंगे फैसला

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रामगंजमंडी को मिलेगा नया पालिकाध्यक्ष, 21 सितंबर को पार्षद करेंगे फैसला

कांग्रेस के पवन बाबेल और भाजपा के नरेंद्र काला आमने-सामने, 40 पार्षदों के मतदान से तय होगा नगर की नई सियासी तस्वीर

रामगंजमंडी।
रामगंजमंडी नगर पालिका चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद अब सबकी निगाहें नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव पर टिक गई हैं। पार्षदों के चुनाव में भाजपा ने 24 वार्डों में जीत दर्ज की, कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं, जबकि 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। अब नगर के प्रथम नागरिक की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसका फैसला 21 सितंबर को होने वाले पार्षदों के मतदान से होगा।

 

 

रामगंजमंडी नगर पालिका में कुल 40 वार्ड हैं। इनमें वार्ड नंबर 27 से कांग्रेस के नगर अध्यक्ष पवन बाबेल निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 9 सितंबर को शेष 39 वार्डों के लिए मतदान हुआ और 14 सितंबर को मतगणना के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई।

अध्यक्ष पद के लिए पवन बाबेल और नरेंद्र काला आमने-सामने

अध्यक्ष पद के नामांकन की प्रक्रिया के अंतिम दिन 16 सितंबर को कांग्रेस की ओर से पवन बाबेल ने नामांकन दाखिल किया। भाजपा की ओर से नरेंद्र काला, महेश श्रीवास्तव और अखिलेश मेडतवाल ने नामांकन दाखिल किया। बाद में भाजपा ने नरेंद्र काला को अध्यक्ष पद के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया।

नरेंद्र काला के प्रत्याशी घोषित होने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला और आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया गया।

अब मुकाबला सीधे तौर पर कांग्रेस के पवन बाबेल बनाम भाजपा के नरेंद्र काला के बीच है।

नरेंद्र काला : संगठन और कोटा स्टोन कारोबार से राजनीति तक

नरेंद्र काला लंबे समय से रामगंजमंडी की राजनीति और कोटा स्टोन उद्योग से जुड़े रहे हैं।  वर्तमान मे small scale stone industries संगठन के अध्यक्ष भी है।

हालिया नगर पालिका चुनाव में नरेंद्र काला ने वार्ड नंबर 15 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। वार्डवार परिणाम में भी उनकी जीत दर्ज है।

 

पवन बाबेल : राजनीतिक विरासत के साथ अध्यक्ष पद की दौड़ में

कांग्रेस प्रत्याशी पवन बाबेल वर्तमान में रामगंजमंडी नगर कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। चुनाव से पहले भी उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं रही हैं।

नगर पालिका चुनाव में वे वार्ड नंबर 27 से निर्विरोध निर्वाचित हुए। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया।

पवन बाबेल के पिता गोविंद लाल गुप्ता भी रामगंजमंडी की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। ऐसे में पवन बाबेल के लिए यह चुनाव राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नगर पालिका की सत्ता की जिम्मेदारी हासिल करने की बड़ी कवायद है।

24 बनाम 14+2… अब नजरें 21 सितंबर पर

रामगंजमंडी के 40 वार्डों के परिणामों में भाजपा के पास 24 पार्षद, कांग्रेस के पास 14 पार्षद और 2 निर्दलीय पार्षद हैं। पालिका में बहुमत का आंकड़ा 21 है।

हालांकि अध्यक्ष का चुनाव जनता सीधे नहीं करेगी। 40 निर्वाचित पार्षद मतदान कर अध्यक्ष का चुनाव करेंगे, जिसके लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान निर्धारित है और इसके बाद मतगणना होगी।

यही वजह है कि अब राजनीतिक गतिविधियां पार्षदों के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गई हैं। निर्दलीय पार्षदों की भूमिका और सभी पार्षदों का अंतिम मतदान इस चुनाव में महत्वपूर्ण रहेगा।

किसके सिर सजेगा रामगंजमंडी के प्रथम नागरिक का ताज?

एक तरफ भाजपा के पास 24 पार्षदों के साथ बहुमत से अधिक सीटें हैं, वहीं कांग्रेस 14 पार्षदों के साथ अध्यक्ष पद की दौड़ में है। लेकिन अंतिम फैसला 21 सितंबर को पार्षदों के मतदान से ही होगा।

अब रामगंजमंडी की सियासत में सबसे बड़ा सवाल यही है—

क्या भाजपा के नरेंद्र काला पालिका अध्यक्ष बनेंगे या कांग्रेस के पवन बाबेल राजनीतिक समीकरणों को अपने पक्ष में मोड़ पाएंगे?

इसका जवाब 21 सितंबर को मतदान और मतगणना के बाद सामने आएगा। तब तय होगा कि **रामगंजमंडी नगर पालिका की कमान अगले कार्यकाल में किसके हाथों में होगी।**

 

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