गोलोक धाम बनेगा गोवंश का पूर्ण अभयारण्य, आत्मनिर्भर मॉडल पर होगा विकास : आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज
नवनिर्मित गोलोक धाम पहुंचे जैन पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल, गौशाला का किया अवलोकन; गायों को खिलाया चारा
जयपुर, 30 अगस्त।
निमोडिया, चाकसू स्थित नवनिर्मित गोलोक धाम को गोवंश के लिए पूर्ण अभयारण्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। परम पूज्य भगवान महावीर तपोभूमि उज्जैन के प्रणेता एवं पर्यावरण संरक्षक आचार्य श्री 108 प्रज्ञा सागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से आकार ले रही यह परियोजना महज एक गौशाला नहीं, बल्कि गोवंश संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और आत्मनिर्भरता का अनूठा मॉडल बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ने कहा कि “गोलोक धाम केवल गौशाला नहीं, बल्कि गोवंश के संपूर्ण जीवन चक्र और उसके सामाजिक महत्व को समाज तक पहुंचाने का प्रयास है।” उन्होंने बताया कि गोलोक धाम को आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां जैविक खेती, गोबर से खाद निर्माण, गोमूत्र आधारित उत्पाद तथा दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

जैन पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने किया गोलोक धाम का भ्रमण
जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि 29 अगस्त को प्रातः 10 बजे राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया जयपुर के नेतृत्व में जैन पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल गोलोक धाम, निमोडिया पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने आचार्य श्री के दर्शन कर श्रीफल समर्पित किया। इस दौरान श्रमण संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेते हुए रक्षा सूत्र भी बंधवाया गया।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने गोलोक धाम स्थित गौशाला एवं संपूर्ण परिसर का अवलोकन किया। पत्रकारों ने गोवंश के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को देखा और गायों को चारा भी खिलाया। निर्माण कार्यों एवं परिसर में संचालित गतिविधियों की जानकारी लेने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने गोलोक धाम सेवा समिति के कार्यों की सराहना की।
बीमार और बेसहारा गायों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया ने कहा कि गोलोक धाम सड़क पर भटकने वाली, बीमार एवं बेसहारा गायों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि जैन समाज और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को ऐसे परोपकारी कार्यों में आगे आकर सहयोग करना चाहिए तथा गोवंश संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
आचार्य श्री के सान्निध्य में पूजा और हवन में भी हुए शामिल
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिलीप जैन ने कहा कि यह सभी के लिए पुण्य का अवसर रहा कि गोलोक धाम जैसे सुंदर एवं सेवा-समर्पित परिसर का दर्शन और अवलोकन करने का अवसर मिला। इस दौरान आचार्य श्री द्वारा कराई जा रही पूजा एवं हवन में भी सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि ब्रह्मचारी दर्शन जी, जो परम पूज्य आचार्य श्री प्रमुख सागर जी महाराज से आगामी 1 नवंबर 2026 को तुमकुर, कर्नाटक में जिनदीक्षा ग्रहण करने जा रहे हैं, उनकी गोद भराई रस्म में शामिल होने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
पत्रकारों का किया सम्मान
इस अवसर पर गोलोक धाम सेवा समिति के अध्यक्ष देवेंद्र जैन निमोडिया, छोटा गिरनार, बापूगांव के अध्यक्ष प्रकाश चंद बाकलीवाल एवं पदाधिकारियों ने उपस्थित पत्रकारों तथा एक दिन के चातुर्मास पुण्यार्जक समाजश्रेष्ठी चेतन जैन केकड़ी परिवार का तिलक, माला, दुपट्टा एवं साफा पहनाकर सम्मान किया।
प्रतिनिधिमंडल में रमेश जैन तिजारिया, उदयभान जैन, दिलीप जैन, बलवंत राज मेहता, ज्ञानचंद पाटनी, सुरेंद्र कुमार जैन बड़जात्या, अरुण जैन, शुभम जैन, अनीष जैन, नीलम जैन (दिल्ली), अनीता बडजात्या (जयपुर) सहित अन्य पत्रकार शामिल रहे।
नवंबर में होगा पत्रकार सम्मेलन
राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि पूज्य आचार्य श्री के सान्निध्य में आगामी नवंबर माह में पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। साथ ही आचार्य श्री से 30 सितंबर को रायपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन के लिए भी आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सभी पत्रकारों ने रायपुर राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने की सहमति व्यक्त की और देशभर के जैन पत्रकारों से सम्मेलन में पहुंचने का आह्वान किया।
उदयभान जैन, जयपुर से प्राप्त जानकारी।
संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312





