सल्लेखना साधना का हुआ मंगल परिणमन, साधिका मां गुलाब बाई जैन ने त्यागी नश्वर देह

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सल्लेखना साधना का हुआ मंगल परिणमन, साधिका मां गुलाब बाई जैन ने त्यागी नश्वर देह

आरोन में सल्लेखना पूर्वक समाधि मरण, शोक स्वरूप जैन समाज ने बंद रखे प्रतिष्ठान

आरोन।

नगर के आचार्य श्री विद्यासागर साधिका आश्रम में विगत दो वर्षों से साधनारत श्रेष्ठ साधिका मां गुलाब बाई जैन ने गुरुवार को सल्लेखना पूर्वक समाधि मरण प्राप्त किया। मुनिश्री निरोग सागर, निर्मोह सागर, निरामय सागर एवं निर्भीक सागर जी महाराज के सानिध्य में उनकी सल्लेखना साधना चल रही थी। गुरुवार सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर देव-शास्त्र-गुरु का स्मरण करते हुए उन्होंने नश्वर देह का त्याग किया।

जानकारी देते हुए सुनील झंडा ने बताया कि राजस्थान के केकड़ी निवासी मां गुलाब बाई जैन विगत दो वर्षों से आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से आरोन जैन समाज द्वारा संचालित साधिका आश्रम में रहकर धर्मसाधना कर रही थीं। उनके समाधि मरण का समाचार मिलते ही आरोन सहित आसपास के क्षेत्रों के जैन समाज में शोक और आध्यात्मिक भाव की लहर छा गई तथा बड़ी संख्या में साधर्मीजन आरोन पहुंचने लगे।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु अंतिम डोला यात्रा में हुए शामिल

स्थानीय दिगम्बर जैन समाज द्वारा बड़ा जैन मंदिर स्थित श्री विद्यासागर साधिका आश्रम से मां गुलाब बाई जैन की अंतिम डोला यात्रा निकाली गई। यात्रा में आरोन जैन समाज के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में शामिल हुए। उनके गृहस्थ जीवन से जुड़े परिवारजन भी उपस्थित रहे। सभी ने साधिका मां गुलाब बाई जैन के उत्कृष्ट सल्लेखना पूर्वक समाधि मरण की मंगल अनुमोदना की।

 

आरोन में दूसरी साधिका ने प्राप्त किया सल्लेखना पूर्वक समाधि मरण

आरोन के साधिका आश्रम के लिए यह दूसरा अवसर है, जब किसी साधिका ने सल्लेखना पूर्वक समाधि मरण प्राप्त किया। इससे पूर्व विगत वर्ष वात्सल्य मूर्ति, बीजाक्षर प्रणेता मुनिश्री दुर्लभ सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में विलासपुर, छत्तीसगढ़ निवासी आर्यिका श्री स्वर्णश्री माताजी, जिनका गृहस्थ जीवन का नाम सोना देवी था, ने भी सल्लेखना पूर्वक समाधि मरण प्राप्त किया था।

 

श्रद्धा और शोक में बंद रहे प्रतिष्ठान

गुरुवार को त्योहार का मौसम होने के बावजूद मां गुलाब बाई जैन के समाधि मरण के प्रति श्रद्धा एवं शोक व्यक्त करते हुए आरोन जैन समाज के लोगों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। समाजजनों ने उनकी साधना, संयम और सल्लेखना की अनुमोदना करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

रिपोर्ट : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी

मोबाइल : 9929747312

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