अशोक सुशीला पाटनी आर के मार्बल परिवार के निवास पर राष्ट्रसंत आचार्य श्री विहर्ष सागरजी की श्रद्धापूर्ण आहारचर्या निर्विघ्न संपन्न

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अशोक सुशीला पाटनी आर के मार्बल परिवार के निवास पर राष्ट्रसंत आचार्य श्री विहर्ष सागरजी की श्रद्धापूर्ण आहारचर्या निर्विघ्न संपन्न

संतों के चरण पड़े, श्रद्धा और आस्था के दीप जले; धर्म-सेवा के प्रति पाटनी परिवार का समर्पण बना अनुकरणीय मिसाल

किशनगढ़, 24 अगस्त 2026
धर्मनगरी किशनगढ़ में सोमवार को उस समय आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया, जब आर.के. मार्बल के संस्थापक, धर्मनिष्ठ, सेवाभावी एवं उदारमना भामाशाह श्री अशोक जैन पाटनी, श्रीमती सुशीला पाटनी एवं पाटनी परिवार के निवास पर सिंहवृत्ति राष्ट्रसंत आचार्य श्री 108 विहर्ष सागर महामुनिराज गुरुदेव की पावन आहारचर्या श्रद्धा, भक्ति और विनयपूर्वक निर्विघ्न संपन्न हुई।

 

 

आचार्य श्री के पाटनी परिवार के निवास पर मंगल आगमन के साथ ही पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। परिवारजनों ने अत्यंत श्रद्धा, शुद्धता और विनय के साथ आहारचर्या का लाभ प्राप्त किया। इस पावन अवसर पर उपस्थित धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं के बीच भी विशेष उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास देखने को मिला।

 

आहारचर्या नहीं, आत्मकल्याण का पावन अवसर

जैन परंपरा में साधु-संतों की आहारचर्या को अत्यंत पवित्र और पुण्यकारी अवसर माना गया है। श्रावक परिवार द्वारा पूर्ण शुद्धता, संयम, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मुनिराज को आहार अर्पित करना त्याग, तप, संयम और साधना के प्रति विनम्र समर्पण का प्रतीक है। यह केवल आहार देने की परंपरा नहीं, बल्कि संतों के त्यागमय जीवन के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अनुपम अवसर है।

 

 

पाटनी परिवार के लिए यह अवसर विशेष आध्यात्मिक अनुभूति से भरा रहा। आचार्य श्री के पावन सान्निध्य, आहारचर्या एवं चरण वंदना का लाभ प्राप्त कर पूरा परिवार गद्गद एवं भाव-विभोर हो उठा।

धर्म और समाज सेवा में समर्पण की पहचान

आर.के. मार्बल परिवार का धर्म, समाज और सेवा के क्षेत्र में समर्पण भी इस अवसर पर विशेष रूप से रेखांकित हुआ। श्री अशोक पाटनी एवं पाटनी परिवार सदैव धर्म-साधना, संत सेवा और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित भाव रखते हैं। तन-मन-धन से सेवा और समाजहित के कार्यों में योगदान देने की उनकी भावना अनेक लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।

 

 

संतों के पावन चरणों का अपने निवास पर आगमन और आहारचर्या का लाभ मिलना पाटनी परिवार के लिए निश्चित रूप से एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक क्षण रहा।

संतों के चरण पड़े, श्रद्धा के दीप जले,
भक्ति और आस्था का पावन संगम हुआ।
अशोक पाटनी, सुशीला पाटनी एवं आर.के. मार्बल परिवार ने
धर्म और संत सेवा के प्रति अपने समर्पण को फिर एक बार नमन किया।

यह पावन अवसर परिवार के लिए केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, संस्कार और समर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया।

अभिषेक जैन लुहाड़िया
रामगंजमंडी
रिपोर्टर | 9929747312

 

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