‘इंडिया’ नहीं, देश को ‘भारत’ कहें—राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाएं : मुनिश्री निर्मद सागर महाराज
मड़ावरा (ललितपुर)।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मड़ावरा कस्बे स्थित महावीर विद्याविहार परिसर में जैन समाज द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत भव्य समारोह आयोजित किया गया। मुनिश्री नीरज सागर एवं मुनिश्री 108 निर्मद सागर महाराज के सान्निध्य में राष्ट्रध्वज फहराया गया। जैसे ही तिरंगा शान से लहराया, पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से गूंज उठा।
शनिवार दोपहर आयोजित समारोह में सकल दिगंबर जैन समाज मड़ावरा द्वारा संचालित श्री वर्णी पूर्व माध्यमिक विद्यालय एवं आचार्य श्री विद्यासागर विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे। विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं में राष्ट्रभक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा था।
राष्ट्र सबसे पहले, तभी सुरक्षित रहेंगे समाज और धर्म
मुनिश्री 108 निर्मद सागर महाराज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए। राष्ट्र सुरक्षित रहेगा, तभी समाज, संस्कृति और धर्म भी सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के प्रति समर्पण, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
गुरुदेव आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का स्मरण करते हुए मुनिश्री ने कहा कि आचार्य श्री ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्र और स्वदेशी भावनाओं के उत्थान को सदैव प्राथमिकता दी। उनका जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
‘इंडिया’ नहीं, ‘भारत’ कहने का किया आह्वान
मुनिश्री निर्मद सागर महाराज ने कहा कि हम भारतीय हैं, इसलिए अपने देश को ‘भारत’ ही कहना चाहिए। उन्होंने ‘इंडिया’ शब्द को अंग्रेजी शासनकाल से जुड़ा बताते हुए विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे देश की प्राचीन पहचान, भारतीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव रखें।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल गुलामी की बेड़ियों से मुक्त होने का नाम नहीं, बल्कि अपनी भाषा, संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय अस्मिता के प्रति जागरूक होना भी सच्ची स्वतंत्रता है।
मुनिश्री ने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और देश के विकास में अपना योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
राष्ट्रभक्ति से सराबोर रहा विद्यालय परिसर
समारोह के दौरान विद्यार्थियों में गजब का उत्साह औ
र राष्ट्रप्रेम दिखाई दिया। तिरंगे की शान, भारत माता के जयघोष और संतों के राष्ट्रहित के संदेश से पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया।


संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी

