शिक्षा के क्षेत्र में नई उड़ान: ‘श्री विद्याप्रमाण सक्षम अकादमी’ का शुभारंभ
गिरिडीह (मधुबन)।
संतशिरोमणि आचार्य श्री 108विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य एवं आचार्य श्री 108 समयसागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य, गुणायतन, शंका समाधान एवं भावनायोग के प्रणेता राष्ट्रसंत मुनिश्री 108 प्रमाणसागर महाराज की मंगल प्रेरणा एवं आशीर्वाद से शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव एवं दूरदर्शी पहल ‘श्री विद्याप्रमाण सक्षम अकादमी’ के रूप में आकार ले चुकी है। यह अकादमी जैन समाज की प्रतिभाशाली बालिकाओं को प्रशासनिक सेवाओं एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
संकल्प से साकार हुआ शिक्षा का यह अभियान
ज्ञातव्य है कि वर्ष 2025 में भोपाल चातुर्मास के दौरान श्री कविन्द्र जैन कियावत एवं श्रीमती जयश्री जैन कियावत ने मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज की प्रेरणा से जैन समाज की बालिकाओं को प्रशासनिक सेवाओं एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने का संकल्प लिया था।

इस संकल्प को धरातल पर उतारते हुए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, उपयुक्त अध्ययन वातावरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए। एक वर्ष के सतत प्रयासों के बाद इस पहल के उत्साहजनक एवं सकारात्मक परिणाम सामने आए।
इसी क्रम में हाल ही में श्री सम्मेदशिखर तीर्थ पर मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज एवं गुणायतन के पदाधिकारियों के समक्ष इस पहल का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। गुणायतन ट्रस्ट समिति एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद ने प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की और मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज ने मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
भोपाल से होगी शुरुआत, देशभर में विस्तार की योजना
इस अवसर पर गुणायतन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद काला एवं कार्यकारी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश सरावगी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज की प्रतिभाओं को उचित दिशा एवं अवसर प्रदान करना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अकादमी की शुरुआत मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है।
उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इस अभियान को देश के अन्य राज्यों तक विस्तार दिया जाएगा। स्वीकृति के बाद भोपाल स्थित संस्थान का संचालन अब ‘श्री विद्याप्रमाण सक्षम अकादमी’ के नाम से गुणायतन ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा।
अकादमी की देखरेख की जिम्मेदारी आईएएस कविन्द्र जैन कियावत, श्रीमती जयश्री जैन कियावत एवं उनकी सहयोगी टीम संभालेगी।
20 बालिकाओं को मिलेगी पूरी सुविधा, व्यवस्था रहेगी निःशुल्क
राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’ ने बताया कि वर्तमान में अकादमी में 20 बालिकाओं के लिए आवास, भोजन, अध्ययन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विशेष बात यह है कि यह संपूर्ण व्यवस्था पूर्णतः निःशुल्क रहेगी और इसका समस्त व्यय गुणायतन परिवार द्वारा वहन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराना ही नहीं, बल्कि समाज की बेटियों को आत्मनिर्भर, सक्षम एवं नेतृत्व के लिए तैयार करना भी है।
‘बेटियां सक्षम होंगी तो समाज और राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल होगा’
मंगल अवसर पर राष्ट्रसंत मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि जब मन में समाजहित का सच्चा संकल्प जागता है, तब संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनती। दृढ़ संकल्प, समर्पण और सेवा-भाव से किया गया कार्य निश्चित रूप से सफलता की ओर बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि “जब समाज की बेटियां सक्षम बनेंगी, तो परिवार, समाज और राष्ट्र—तीनों का भविष्य उज्ज्वल होगा।”
मुनिश्री ने सभी सहयोगियों को इस संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाने का आशीर्वाद देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान अनेक प्रतिभाशाली बालिकाओं के जीवन को नई दिशा देगा और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
पदाधिकारियों ने किया कियावत दंपती का स्वागत
इस अवसर पर ट्रस्ट के महामंत्री अशोक पांडया, कार्य परिषद के महामंत्री सुरेंद्र जैन गोहाटी सहित ट्रस्ट एवं परिषद के समस्त पदाधिकारियों ने श्री कविन्द्र जैन कियावत एवं श्रीमती जयश्री जैन कियावत दंपती का स्वागत किया तथा इस अभिनव पहल के लिए उनका अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया।
‘श्री विद्याप्रमाण सक्षम अकादमी’ को समाज की बेटियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और प्रशासनिक क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में एक ऐसी पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में अनेक प्रतिभाओं को अवसर और नई पहचान प्रदान कर सकती है।
जानकारी: राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’
संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी
मो.: 9929747312




