“‘तेरा हीरो तेरे ही भीतर है’— आचार्य सुनील सागरजी का आत्मजागरण का संदेश, इंदौर में कल होगी 30वें वर्षायोग की भव्य कलश स्थापना”
इंद्रपुरी में धर्म, साधना और स्वाध्याय के नए अध्याय का शुभारंभ, हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति की संभावना
नेमीनगर, इंदौर।
आचार्य आदिसागर अंकलीकार परंपरा के चतुर्थ पट्टाधीश, व्याख्यान वाचस्पति एवं प्राकृताचार्य पूज्य आचार्य श्री 108 सुनीलसागरजी महायतिराज के 30वें पावन वर्षायोग के अवसर पर 2 अगस्त को इंद्रपुरी, इंदौर में भव्य वर्षायोग कलश स्थापना का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को लेकर जैन समाज में उत्साह, श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है।
शनिवार को अपने मंगल प्रवचन में आचार्य श्री ने जीवन की क्षणभंगुरता का स्मरण कराते हुए कहा कि जिस प्रकार सूर्य और चंद्रमा प्रतिदिन अस्त होकर पुनः उदित होते हैं, उसी प्रकार मनुष्य भी हर नए दिन के साथ नई आशा लेकर चलता है। लेकिन केवल समय बीत जाने से जीवन नहीं बदलता, बल्कि आत्मचिंतन, सद्कर्म और सही दिशा में किया गया प्रयास ही जीवन को सार्थक बनाता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष दर वर्ष जन्मदिन मनते रहते हैं, लेकिन यदि आत्मकल्याण का प्रयास नहीं किया जाए तो पूरा जीवन यूँ ही निकल जाता है। इसलिए घटती हुई आयु के प्रत्येक क्षण का उपयोग धर्म, पुण्य और आत्महित के कार्यों में करना चाहिए। मनुष्य का ध्यान विषय-वासनाओं में नहीं, बल्कि अपने आत्मस्वरूप की ओर होना चाहिए।
प्रवचन के दौरान आचार्य श्री ने अत्यंत प्रेरक संदेश देते हुए कहा— “तेरा ध्यान किधर है, तेरा हीरो तेरे ही भीतर है।” उन्होंने बताया कि वास्तविक शक्ति, प्रेरणा और सफलता का स्रोत बाहरी संसार में नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर छिपा हुआ है। जो व्यक्ति अपने आत्मबल को पहचान लेता है, वही जीवन का सच्चा विजेता बनता है।
2 अगस्त को होने वाली वर्षायोग कलश स्थापना के साथ इंद्रपुरी में धर्म, साधना, स्वाध्याय और आध्यात्मिक जागरण के नए अध्याय का शुभारंभ होगा। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है और पूरा क्षेत्र धर्ममय वातावरण से गुंजायमान रहेगा।
— जानकारी: माही जैन धीरावत, पीपलखूंट (प्रतापगढ़)
संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312

