सम्मेद शिखरजी से गूंजा धर्म, सेवा और संस्कार का राष्ट्रीय संकल्प
राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के सानिध्य में गुणायतन, श्री सेवायतन एवं विद्या प्रमाण गुरुकुलम् के विस्तार का ऐतिहासिक रोडमैप तैयार, अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’ को मिला श्री सेवायतन के राष्ट्रीय प्रवक्ता का दायित्व
मधुबन (श्री सम्मेद शिखरजी)।
तीर्थराज श्री सम्मेद शिखरजी की पावन वंदना भूमि पर राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के सानिध्य में धर्म, सेवा और संस्कार के विराट अभियान को नई ऊर्जा और नई दिशा मिली। गुणायतन, श्री सेवायतन एवं विद्या प्रमाण गुरुकुलम् की संयुक्त प्रबंधकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में तीनों संस्थाओं के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विस्तार, संगठन सुदृढ़ीकरण, सेवा प्रकल्पों, संस्कार आधारित शिक्षा तथा धर्मप्रभावना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया, जब राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने अपने विशेष आशीर्वाद के साथ वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’ को श्री सेवायतन का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया। यह दायित्व उन्हें गुणायतन एवं श्री सेवायतन की विचारधारा, सेवा गतिविधियों और धर्मप्रभावना को देशभर में प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से सौंपा गया।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि गुणायतन केवल एक संस्था नहीं, बल्कि जैन संस्कृति, अहिंसा, अध्यात्म और मानवीय मूल्यों का राष्ट्रीय जनजागरण अभियान है। श्री सम्मेद शिखरजी में निर्मित भव्य जिनालय और अत्याधुनिक अनुभव केन्द्र के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को जैन दर्शन का वैज्ञानिक, प्रेरणादायी और जीवंत परिचय कराया जा रहा है।
इसी क्रम में श्री सेवायतन द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, आदिवासी उत्थान, मोबाइल मेडिकल सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक सेवा प्रकल्प निरंतर संचालित किए जा रहे हैं, जबकि विद्या प्रमाण गुरुकुलम् आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, योग, भारतीय संस्कृति और जैन जीवन-दर्शन पर आधारित नई पीढ़ी के निर्माण का सशक्त केंद्र बन रहा है।
बैठक में बताया गया कि आज गुणायतन परिवार से देश-विदेश के 18 हजार से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं, जो सेवा, साधना और संस्कार के इस महाअभियान को निरंतर गति प्रदान कर रहे हैं। अनेक दानदाताओं ने विभिन्न निर्माण एवं सेवा प्रकल्पों के लिए उदारतापूर्वक सहयोग की घोषणा करते हुए इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
गुणायतन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद काला (कोलकाता) ने कहा कि समाज के सहयोग, समर्पण और विश्वास के बल पर ही धर्म और सेवा के ऐसे विराट अभियान आगे बढ़ते हैं। उन्होंने युवाओं से अधिकाधिक संख्या में जुड़कर राष्ट्र और समाज निर्माण के इस अभियान का सहभागी बनने का आह्वान किया।
बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से गुणायतन कार्यकारी परिषद का गठन किया गया। साथ ही विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियों की घोषणा करते हुए देशभर में समर्पित कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क तैयार करने का संकल्प लिया गया।
बैठक के समापन पर राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने संदेश दिया कि धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और समाजोत्थान के माध्यम से राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने का माध्यम भी है। इसी भावना के साथ गुणायतन, श्री सेवायतन और विद्या प्रमाण गुरुकुलम् आने वाले वर्षों में समाज जीवन में नई चेतना का संचार करेंगे।
— संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312

