“अजमेर की पावन धरती पर भविष्य में हो आचार्य श्री समयसागर महाराज का चातुर्मास” — मुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज
अजमेर |
केसरगंज दिगंबर जैन मंदिर में शुक्रवार को आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के परम शिष्य एवं आचार्य श्री 108 समयसागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री 108 निष्पक्ष सागर महाराज तथा मुनिश्री 108 निस्पृह सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। शोभायात्रा के साथ मुनिसंघ का नगरवासियों ने भव्य आगवानी की।मंदिर पहुंचने पर पदप्रक्षालन, मंगल आरती एवं अभिनंदन के पश्चात धर्मसभा आयोजित हुई।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज ने कहा कि “मेरी हार्दिक भावना है कि आने वाले समय में अजमेर की पावन धरती पर आचार्य श्री 108 समयसागर महाराज का चातुर्मास हो।”
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा, “हम तो उस महासागर की एक छोटी-सी धारा मात्र हैं। जब स्वयं वह महासागर अजमेर की इस पावन भूमि पर विराजमान होंगे, तब यहां का आध्यात्मिक वातावरण कितना दिव्य और भावपूर्ण होगा, इसकी केवल कल्पना ही की जा सकती है।”
मुनिश्री ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की दीक्षा स्थली पर पहुंचकर उन्हें अपार आत्मिक आनंद और सुखद अनुभूति हुई। यह भूमि तप, त्याग और साधना की प्रेरणा देने वाली है।
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