आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज वर्ष 2018 नेमावर से जुड़ा प्रवचन हम साक्षर जरूर हुए, पर सभ्यता और शिक्षित होने में आज भी पीछे : आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज 

आचार्य श्री विद्यासाग़र महाराज

आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज वर्ष 2018 नेमावर से जुड़ा प्रवचन हम साक्षर जरूर हुए, पर सभ्यता और शिक्षित होने में आज भी पीछे : आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज 

नेमावर
हम साक्षर हुए हैं। यह प्रतिशत हर साल बढ़ रहा है। लेकिन इसकी तुलना में अभी हम सभ्य और संस्कारित तथा शिक्षित होने के मामले में काफी पिछड़े हुए हैं। सिर्फ किताबी ज्ञान इंसान के जीवन न तो सरल बनाता है न ही सफल बना सकता है। यह बात आचार्य विद्यासागर महाराज नेवर्ष 2018 में कही थी वे मंगलवार को नेमावर में गुरु पूर्णिमा पर विभिन्न प्रतिभा स्थलों से आई करीब 2000 छात्राओं व साधकों को प्रवचन दे रहे थे।

 

 

आज भी प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ है।
उन्होंने कहा था कि आज भी प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ है। इसमें हरेक व्यक्ति शामिल है। बच्चों पर शिक्षा के नाम पर मानसिक दबाव डाला जा रहा है। उनकी रुचि और जरूरत को समझे बगैर उनसे एक दो और तीन तीन विषय पढ़वाए जा रहे हैं। आचार्यश्री ने कहा कि पुरानी शिक्षण पद्धति में कई किताबें व फार्मूले ऐसे पढ़ाए जा रहे हैं, जो बेहद कठिन हैं, लेकिन वे व्यवहारिक जीवन में व्यक्ति के कभी काम ही नहीं आते हैं। लेकिन पास होने की गजर से बच्चे इन्हें बार-बार रटते हैं।

 

 

इंसान कम खाने से नहीं ज्यादा खाने से मरता है : महाराज श्री

आचार्यश्री ने कहा था कि इंसान कम खाने से नहीं मरता। ज्यादा खाना जरूर मौत की वजह बनता है। उन्होंने कहा कि पेट में जगह तय है, लेकिन फिर भी लोग कभी स्वाद वश ताे कभी किसी का मान या आग्रह स्वीकारने के कारण पेट की मुश्किल बढ़ा देते हैं। हमें कब कितना आहार लेना है, यह समझने की आवश्यकता है। यही बात आज हासिल किए जाने वाले ज्ञान के मामले में भी लागू होती है। प्रबंधनों व पालकों दोनों को इसे समझना चाहिए। आचार्यश्री ने कहा कि हमें उस ज्ञान को पढ़ाने व समाज के बढ़ावा देने की जरूरत है जो असल जीवन में मददगार साबित हो। उन्होंने छात्राओं की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया।

उपरोक्त प्रवचन समाचार पत्र द्वारा संकलित किया गया था 
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी 9929747312

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