स्वास्तिभूषण माताजी ने बसंत विहार से महावीर नगर तक किया मंगल विहार, धर्मसभा में दिया आत्मज्ञान और संयम का संदेश
कोटा में आर्यिका स्वास्तिभूषण माताजी का महावीर नगर में मंगल प्रवेश, कहा– आत्मज्ञान ही मोक्ष का वास्तविक मार्ग
कोटा।
परम पूजनीय भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वास्तिभूषण माताजी का मंगलवार को बसंत विहार दिगंबर जैन मंदिर से महावीर नगर प्रथम स्थित सफेद जैन मंदिर तक भव्य मंगल प्रवेश हुआ। मंगल विहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जयघोष के साथ शामिल हुए और माताजी का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। पूरे मार्ग में भक्ति, उत्साह और धार्मिक वातावरण देखने को मिला।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका स्वास्तिभूषण माताजी ने जीव, अजीव, आत्मा, बहिरात्मा और परमात्मा के स्वरूप का सरल एवं सारगर्भित विवेचन किया। उन्होंने कहा कि आत्मज्ञान ही मोक्ष का वास्तविक मार्ग है। जब तक मनुष्य अपने वास्तविक आत्मस्वरूप को नहीं पहचानता, तब तक जीवन का परम लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, संयम, सदाचार और आत्मचिंतन को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
नई पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता
महावीर नगर प्रथम में आर्यिका स्वास्तिभूषण माताजी के सान्निध्य में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन, राजस्थान रीजन की बैठक भी आयोजित हुई। इस अवसर पर माताजी ने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और जिनवाणी से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। यदि युवाओं में संस्कार और आध्यात्मिक चेतना विकसित होगी तो समाज और राष्ट्र का भविष्य भी उज्ज्वल बनेगा।बैठक में सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।
संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312

