नितिन गडकरी के कार्यक्रम में पुलिस द्वारा पत्रकारों को  धक्के देकर हटाए गया 

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नितिन गडकरी के कार्यक्रम में पुलिस द्वारा पत्रकारों को  धक्के देकर हटाए गया

कोटा

नितिन गडकरी फोर लाइन ऐट लाइन के गडडे जो मौत का पैगाम बना रहे हैं। उनको भी नहीं देख पाए और टर्मिनल के प्रेजेंटेशन के मुख्य कार्यक्रम को भी नहीं देख पाए टर्मिनल के प्रेजेंटेशन मुख्य था उसे भी उन्होंने नहीं देखा। टर्मिनल जाकर मात्र खानापूर्ति कर चले गए मात्र लबान में सभा कर धोषणा कर अपनी पीठ जनता से थपथपाकर।

 

वहीं दूसरी ओर गोपालपुरा में सभा का कार्यक्रम नहीं था। तो भी सभा में जानकर अपना समय बर्बाद कर। जिस कार्य के लिए मुख्य प्रोजेक्ट टर्मिनल का प्रेजेंटेशन देखना था। उसको भी नहीं देखा मात्र टर्मिनल में जाकर खानापूर्ति कर जयपुर को कुच कर जाना जनता में चर्चा का विषय बना हुआ है। घोषणा तो लाखों करोड़ों रुपए की बरसात की तरह कर दी।

लेकिन उसमें कितना भ्रष्टाचार होता है। यह आप स्वयं अपनी गाड़ी से उत्तर कर देखते।एट लाईन और फोर लाइन की सड़कों के गड्ढे आपकी आंखें खोल देते और अधिकारी और भ्रष्ट ठेकेदार की पोल खुल जाती।

 

 

स्पीकर ओम बिरला को भी चाहिए की इन भस्ट आला अफसर करोड़ों रुपए खर्च कर जो रोड बनाते हैं उनमें इतना भ्रष्टाचार कर देते हैं एक बरसात में उनकी पोल खुल जाती है। और लंबे-लंबे गड्ढे हो जाते हैं जिनके कारण दुर्घटनाएं काफी होती है और काफी लोग मरते हैं। कल नितिन गडकरी के रोड शो के कारण 8 लाइन पर सैकड़ों गडो में एन एच आई गड्ढे के भरने के कारण सुल्तानपुर के पास एक डामपर एक यात्री बस में टक्कर मार दी जिसमें एक व्यक्ति की घटना स्थल पर मौत हो गई 14 घायल है। नितिन गडकरी ने यह नैतिक साहस नहीं दिखा पाया की उनके विभाग के डंपर से एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसकीआत्मा को शांति तक नहीं दे पाए।

 

वहीं दूसरी ओर नितिन गडकरी ने ई पेट्रोल का भी जिक्र अपनी सभा में नहीं किया।

पत्रकारों के लिए बनाए गए प्रेस के दडवे मे पुलिस ने रोके रखा ।

कुछ प्रदेश स्तर के चैनल के पत्रकार टर्मिनल की ओर जाने लगे तो उनको पुलिस ने धक्के देकर दड़वे में बंद कर दिया। भंवर चरण फर्स्ट इंडिया के गंभीर और संभागीय संपादक हैं। उनको और एक दो पत्रकारों को पुलिस ने धक्के मारे जो निंदनीय है।

वहीं सूचना केंद्र को दी तो दो देवियां रचना और आकांक्षा ने पत्रकारों के साथ नितिन गडकरी के कार्यक्रम में नहीं जाने दिया। एन एच आई के द्वारा तीन बोलोरो गाड़ी दी गइ थी। और एक गाड़ी में इक्का-दुक्का पत्रकारों को बिठाकर ले गई वरिष्ठ पत्रकार रमेश गांधी ने सूचना केंद्र की गाड़ी का फोटो जो 5:00 बजे तक कार्यालय में खड़ी थी जैसे ही उन्होंने उसे गाड़ी का लाइव चलाया रचना मैडम उसे खाली ले गई मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के संवाद की किताबों को चाय की दुकानों पर पान की दुकानों पर पड़े हुए पाए  फोटो छपे तो हड़कंप मच गया।

 

 

मुख्यमंत्री हमारे व्हाट्सएप से जुड़े हुए हैं जैसे ही ओएसडी ने समाचार पड़ा मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया और पूरी डिटेल मांगी गई है। आज आयुक्त मुकेश शर्मा को भी ईमेल पर इन सूचना केंद्र की देवियों और मुस्तफा शेख के कारनामों का तथ्यात्मक विवरण भ्रष्टाचार के कारनामों का काला चिट्ठा भेजा जाएगा।

 

 

आयुक्त मुकेश शर्मा का स्पष्ट निर्देश है यूट्यूब चैनल वालों को सूचना केंद्र के अधिकारी प्राथमिकता दें। और उन्हें पत्रकारवार्ता तथा सूचना केंद्र की सूचनाओं का प्रेस नोट और जयपुर से भेजी जाने वाली संवाद की पत्रिकाएं उन्हें दी जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा भजनलाल सरकार का प्रचार प्रसार हो सके।

कोटा के सूचना केंद्र में शेख दो देवियों रचना आकांक्षा सिर्फ गुपवाजी और मझौले पत्रकारों की उपेक्षा कर उनको किसी भी कार्यक्रम में ले जाना तो दूर सूचना तक नहीं देती है।

क्योंकि इनकी इनकी डिप्टी डायरेक्टर मुस्तफा शेख से विभागीय लड़ाई चल रही है। और इन्होंने काफी शिकायतें मुख्यमंत्री और आयुक्त कार्यालय में की है। फिर भी वह मुस्तफा का कुछ नहीं बिगाड़ पा रही है। उसी की भड़ास पत्रकारों पर निकलती है। वही सूचना केंद्र के अनुबंध प्रेस फोटोग्राफर के बिलों की जांच की जाए हजारों का घोटाला निकलेगा फोटो बहुत ही काम अखबारों में लगते हैं। बिल लम्बे चौड़ा बनता है।

आज मुख्यमंत्री को फिर हम तथ्यात्मक जानकारी के साथ सूचना भेजेंगे की कोटा सूचना केंद्र के कार्यालय में चल रहे भीष्ण भ्रष्टाचार और अधिकारियों की गुटबाजी की जांच जयपुर से आला अफसर को भेज कर करवायें ।

और इनको शायद यूट्यूब चैनल सबसे परेशानी है। सूचना केंद्र से आयुक्त जयपुर से एक लेटर लिखकर सभी सूचना केंद्र कार्यालय में यूट्यूब चैनल को ज्यादा से ज्यादा प्राथमिकता दी जाए।

भजनलाल सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार यूट्यूब चैनल सोशल मीडिया को फर्स्ट प्रइटी देते हैं। सूचना केंद्र के आला अफसर इन वरिष्ठ पत्रकारों को सूचना प्रदत नहीं कराते हैं।

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