दिल्ली चातुर्मास 2027 के लिए आचार्य श्री सुनीलसागर महाराज से भावपूर्ण निवेदन, इंदौर-दिल्ली से उमड़े श्रद्धालु
धार, 5 जुलाई। आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में धार में प्रतिदिन धर्म, स्वाध्याय और साधना का आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो रहा है। गुरुदेव के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दिल्ली और इंदौर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार पहुंचे। इस अवसर पर महालक्ष्मी चैनल से जुड़े श्रद्धेय शरद जैन भी उपस्थित रहे।
दिल्ली से आए श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के समक्ष वर्ष 2027 के दिल्ली चातुर्मास हेतु अत्यंत श्रद्धा और विनम्रता के साथ निवेदन किया। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि “गुरुदेव, दिल्ली आपकी प्रतीक्षा में प्यासे हृदय से बैठी है। आपके आशीर्वाद से ही निर्माणाधीन भवन का कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर है। भविष्य में एक भव्य जैन संग्रहालय (म्यूज़ियम) के निर्माण का भी हमारा संकल्प है। कृपया अपनी कृपा और आशीर्वाद से इन सभी धार्मिक योजनाओं को सफल बनाइए।”
प्रातःकालीन बेला में आचार्य श्री ससंघ मंदिर पहुंचे, जहाँ भगवान श्री शांतिनाथ के दर्शन किए गए। इसके पश्चात श्रद्धाभाव के साथ अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। आगे स्वाध्याय का आयोजन हुआ और फिर आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचन से श्रद्धालुओं को धर्ममय जीवन का संदेश दिया।
अपने प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा कि “मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण है। बाहरी उपलब्धियों से कहीं अधिक आवश्यक है कि हम अपने भीतर सम्यक् दर्शन, संयम और भक्ति का विकास करें। स्वाध्याय आत्मा का दर्पण है तथा गुरुभक्ति जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। जो व्यक्ति धर्म को अपने जीवन में उतारता है, वही वास्तविक सुख और शांति का अनुभव करता है।”
इसी क्रम में इंदौर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव के दर्शन के लिए पहुंचे और विनयपूर्वक आशीर्वाद प्राप्त किया। दिन में स्वाध्याय के उपरांत आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज ससंघ का धार से इंदौर की ओर मंगल विहार हुआ। विदाई के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भावुक होकर गुरुदेव का अभिनंदन किया तथा पुनः शीघ्र दर्शन का आशीर्वाद प्राप्त किया।
जानकारी स्रोत: माही जैन धीरावत
संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312

